22 Jul 2020

Aaj Ka #Panchang #Samadhan Gyan

22-07-2020 Wednesday

 ~ *आज का हिन्दू पंचांग* ~ 🌞
⛅ *दिनांक 22 जुलाई 2020*
⛅ *दिन - बुधवार*
⛅ *विक्रम संवत - 2077 (गुजरात - 2076)*
⛅ *शक संवत - 1942*
⛅ *अयन - दक्षिणायन*
⛅ *ऋतु - वर्षा*
⛅ *मास - श्रावण*
⛅ *पक्ष - शुक्ल* 
⛅ *तिथि - द्वितीया रात्रि 07:22 तक तत्पश्चात तृतीया*
⛅ *नक्षत्र - अश्लेशा रात्रि 07:16 तक तत्पश्चात मघा*
⛅ *योग - सिद्धि दोपहर 02:56 तक तत्पश्चात व्यतिपात*
⛅ *राहुकाल - दोपहर 12:33 से दोपहर 02:12 तक* 
⛅ *सूर्योदय - 06:09*
⛅ *सूर्यास्त - 19:20* 
(सूर्योदय और सूर्यास्त का समय अलग अलग शहर के लिए अलग अलग हो सकता है)
⛅ *दिशाशूल - उत्तर दिशा में*
⛅ *व्रत पर्व विवरण - चन्द्र-दर्शन*
 💥 *विशेष - द्वितीया को बृहती (छोटा बैंगन या कटेहरी) खाना निषिद्ध है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*
               🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 
अगर किसी व्यक्ति की शादी में लगातार बाधाएं उत्पन्न हो रही हैं तो  इसके लिए आप सुबह सूर्य को हल्दी मिले जल से अर्घ्य दें। अर्घ्य के बाद लोटे पर लगी हल्दी को अपने माथे से लगा लें, ऐसा लगातार आप एक महीना तक करते रहें। आपकी शादी की सभी समस्याएं दूर हो जाएंगी।
🌷 *नागपंचमी* 🌷
🙏🏻 *श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को नागपंचमी का पर्व मनाया जाता है। इस बार ये पर्व 25 जुलाई, शनिवार को है। इस दिन नागों की पूजा करने का विधान है। हिंदू धर्म में नागों को भी देवता माना गया है। महाभारत आदि ग्रंथों में नागों की उत्पत्ति के बारे में बताया गया है। इनमें शेषनाग, वासुकि, तक्षक आदि प्रमुख हैं। नागपंचमी के अवसर पर हम आपको ग्रंथों में वर्णित प्रमुख नागों के बारे में बता रहे हैं-*
🐍 *वासुकि नाग*
*धर्म ग्रंथों में वासुकि को नागों का राजा बताया गया है। ये हैं भगवान शिव के गले में लिपटे रहते हैं। (कुछ ग्रंथों में महादेव के गले में निवास करने वाले नाग का नाम तक्षक भी बताया गया है)। ये महर्षि कश्यप व कद्रू की संतान हैं। इनकी पत्नी का नाम शतशीर्षा है। इनकी बुद्धि भगवान भक्ति में लगी रहती है। जब माता कद्रू ने नागों को सर्प यज्ञ में भस्म होने का श्राप दिया तब नाग जाति को बचाने के लिए वासुकि बहुत चिंतित हुए। तब एलापत्र नामक नाग ने इन्हें बताया कि आपकी बहन जरत्कारु से उत्पन्न पुत्र ही सर्प यज्ञ रोक पाएगा।*
*तब नागराज वासुकि ने अपनी बहन जरत्कारु का विवाह ऋषि जरत्कारु से करवा दिया। समय आने पर जरत्कारु ने आस्तीक नामक विद्वान पुत्र को जन्म दिया। आस्तीक ने ही प्रिय वचन कह कर राजा जनमेजय के सर्प यज्ञ को बंद करवाया था। धर्म ग्रंथों के अनुसार, समुद्र मंथन के समय नागराज वासुकि की नेती (रस्सी) बनाई गई थी। त्रिपुरदाह (इस युद्ध में भगवान शिव ने एक ही बाण से राक्षसों के तीन पुरों को नष्ट कर दिया था) के समय वासुकि शिव धनुष की डोर बने थे।*
🐍 *शेषनाग*
*शेषनाग का एक नाम अनंत भी है। शेषनाग ने जब देखा कि उनकी माता कद्रू व भाइयों ने मिलकर विनता (ऋषि कश्यप की एक और पत्नी) के साथ छल किया है तो उन्होंने अपनी मां और भाइयों का साथ छोड़कर गंधमादन पर्वत पर तपस्या करनी आरंभ की। उनकी तपस्या से प्रसन्न होकर ब्रह्मा ने उन्हें वरदान दिया कि तुम्हारी बुद्धि कभी धर्म से विचलित नहीं होगी।*
🐍 *ब्रह्मा ने शेषनाग को यह भी कहा कि यह पृथ्वी निरंतर हिलती-डुलती रहती है, अत: तुम इसे अपने फन पर इस प्रकार धारण करो कि यह स्थिर हो जाए। इस प्रकार शेषनाग ने संपूर्ण पृथ्वी को अपने फन पर धारण कर लिया। क्षीरसागर में भगवान विष्णु शेषनाग के आसन पर ही विराजित होते हैं। धर्म ग्रंथों के अनुसार, भगवान श्रीराम के छोटे भाई लक्ष्मण व श्रीकृष्ण के बड़े भाई बलराम शेषनाग के ही अवतार थे।*
👉🏻 शेष कल.........
         🌞 ~ *हिन्दू पंचांग* ~ 🌞

🌷 *व्यतिपात योग* 🌷
🙏🏻 *व्यतिपात योग की ऐसी महिमा है कि उस समय जप पाठ प्राणायम, माला से जप या मानसिक जप करने से भगवान की और विशेष कर भगवान सूर्यनारायण की प्रसन्नता प्राप्त होती है जप करने वालों को, व्यतिपात योग में जो कुछ भी किया जाता है उसका १ लाख गुना फल मिलता है।*
🙏🏻 *वाराह पुराण में ये बात आती है व्यतिपात योग की।*
🙏🏻 *व्यतिपात योग माने क्या कि देवताओं के गुरु बृहस्पति की धर्मपत्नी तारा पर चन्द्र देव की गलत नजर थी जिसके कारण सूर्य देव अप्रसन्न हु नाराज हुए उन्होनें चन्द्रदेव को समझाया पर चन्द्रदेव ने उनकी बात को अनसुना कर दिया तो सूर्य देव को दुःख हुआ कि मैने इनको सही बात बताई फिर भी ध्यान नहीं दिया और सूर्यदेव को गुरुदेव की याद आई कि कैसा गुरुदेव के लिये आदर प्रेम श्रद्धा होना चाहिये पर इसको इतना नहीं  थोडा भूल रहा है ये, सूर्यदेव को गुरुदेव की याद आई और आँखों से आँसू बहे वो समय व्यतिपात योग कहलाता है। और उस समय किया हुआ जप, सुमिरन, पाठ, प्रायाणाम, गुरुदर्शन की खूब महिमा बताई है वाराह पुराण में।*
💥 *विशेष ~ 22 जुलाई 2020 बुधवार को दोपहर 02:57 से 23 जुलाई, गुरुवार को दोपहर 12:03 तक व्यतिपात योग है ।*

पंचक
8 जुलाई 
दोपहर 12.31 से 13 जुलाई प्रातः 11.15 बजे तक
4 अगस्त
 रात्रि 8.47 से 9 अगस्त सायं 7.05 बजे तक

एकादशी
बुधवार, 01 जुलाई देवशयनी एकादशी
गुरुवार, 16 जुलाई कामिका एकादशी
गुरुवार, 30 जुलाई श्रावण पुत्रदा एकादशी

प्रदोष
गुरुवार, 02 जुलै प्रदोष व्रत (शुक्ल)
शनिवार, 18 जुलै शनि प्रदोष व्रत (कृष्ण)

अमावस्या
20 जुलाई 2020 - सोमवार - श्रावण अमावस्या (हरियाली, सोमवती अमावस्या)

पूर्णिमा
आषाढ़ पूर्णिमा तिथि- 5 जुलाई- दिन रविवार
🙏🏻🌹🌻☘🌷🌺🌸🌼💐🙏🏻
मेष (Aries)
पॉजिटिव - कुछ पारिवारिक संबंधी वाद-विवाद आज निपटने से घर में सुकून और शांति भरा वातावरण रहेगा। आप अपनी व्यक्तिगत गतिविधियों पर अपना ध्यान केंद्रित कर पाएंगे। किसी नजदीकी मित्र का सहयोग भी आपके मनोबल को बढ़ाएगा।
नेगेटिव - ध्यान रखें कि किसी अनजान व्यक्ति की तरफ से आपको कोई नुकसान पहुंच सकता है। संतान के शिक्षा संबंधी कार्यों में भागदौड़ की अधिकता रहेगी। परंतु अंत में यह भागदौड़ सार्थक भी सिद्ध होगी।
व्यवसाय - व्यवसायिक गतिविधियां अभी भी मंद ही रहेंगी। परंतु किसी भी तरह की आर्थिक समस्या उत्पन्न नहीं होगी, इसलिए चिंता ना करें। नौकरी पेशा व्यक्तियों को अपने डिपार्टमेंट संबंधी कुछ बदलाव होने की संभावना है।
लव - जीवनसाथी के घर और परिवार की उचित देखभाल करने से तनाव मुक्त रहेंगे तथा अपने काम पर भी ध्यान दे पाएंगे। कुछ समय आमोद-प्रमोद में भी व्यतीत होगा।
स्वास्थ्य - स्वास्थ्य उत्तम रहेगा लेकिन घर के किसी वरिष्ठ व्यक्ति को स्वास्थ्य संबंधी कोई दिक्कत हो सकती हैं। जिसके लिए उनका ध्यान रखना आवश्यक है।
भाग्यशाली रंग: आसमानी, भाग्यशाली अंक: 2

वृष (Taurus)
पॉजिटिव - आपके व्यक्तित्व और व्यवहार कुशलता की वजह से सामाजिक गतिविधियों में आपकी प्रतिभा खुलकर सामने आएगी और मान-सम्मान बढ़ेगा। स्थान परिवर्तन के भी फायदेमंद योग बन रहे हैं।
नेगेटिव - परंतु ध्यान रखें कि कभी-कभी आलस हावी होने से कुछ महत्वपूर्ण उपलब्धियां हाथ से निकल सकती हैं। इसलिए अपनी कार्य क्षमता और मनोबल को बना कर रखना है। साथ ही व्यर्थ के घूमने-फिरने में अपना समय बर्बाद ना करें।
व्यवसाय - पार्टनरशिप संबंधी कार्यों में लाभदायक परिस्थितियां बनी हुई है इसलिए अपने काम में किसी सहयोगी की मदद अवश्य लें। आपको फायदा होगा। और दिन का अधिकतर समय मार्केटिंग संबंधी कार्य में व्यतीत होगा।
लव - दांपत्य जीवन सुखमय रहेगा। प्रेम प्रसंग में भी नजदीकियां आने से मन मे प्रसन्नता बनी रहेगी।
स्वास्थ्य - सर्वाइकल व कंधों में दर्द जैसी स्थिति महसूस होगी। व्यायाम और योगा पर अधिक ध्यान दें।
भाग्यशाली रंग: नीला, भाग्यशाली अंक: 5

मिथुन (Gemini) 
पॉजिटिव - आजकल आपने अपने और अपने परिवार के प्रति ज्यादा ध्यान केंद्रित किया हुआ है। इस समय ग्रह स्थितियां आपकी छुपी हुई प्रतिभा और क्षमताओं को खुलकर उजागर कर रही हैं। समय आपके पक्ष में है, इसका भरपूर सम्मान करें।
नेगेटिव - अपनी सुख-सुविधाओं पर अधिक खर्च करते समय अपने बजट का ध्यान अवश्य रखें। आर्थिक मामलों को लेकर नजदीकी व्यक्ति से किसी प्रकार की बहस होने की संभावना है।।
व्यवसाय - व्यावसायिक क्षेत्र में आप बहुत अधिक मेहनत और क्षमताएं लगाएंगे। परंतु इसके साथ कुछ बदलाव भी लाने की आवश्यकता है। इस पर भी अपना ध्यान केंद्रित करें। जल्द ही आपको फायदेमंद परिणाम प्राप्त होंगे।
लव - जीवन साथी का स्वास्थ्य कुछ नरम रहेगा। आपका उन्हें सहयोग करना आपके आपसी संबंधों को और अधिक मजबूत करेगा।।
स्वास्थ्य - आपका स्वास्थ्य ठीक रहेगा। सिर्फ दिमागी काम अधिक करने की वजह से सिर में भारीपन और थकान महसूस हो सकती है।
भाग्यशाली रंग: केसरिया, भाग्यशाली अंक: 8

कर्क (Cancer) 
पॉजिटिव - आपके स्वभाव में भावुकता की अधिकता रहेगी। अधिकतम समय दूसरों की सहायता और धर्म-कर्म के कार्यों में व्यतीत होगा। संतान से संबंधित कोई शुभ सूचना भी प्राप्त होगी।
नेगेटिव - परंतु किसी बाहरी व्यक्ति की वजह से आपको धन संबंधी कोई दिक्कत उत्पन्न हो सकती है। और आप छोटी से छोटी बातों से भी जल्दी आहत होंगे जिसकी वजह से तनाव जैसी स्थिति महसूस होगी।
व्यवसाय - आज कार्य क्षेत्र में कोई भी काम सावधानीपूर्वक तरीके से ही करें। क्योंकि किसी प्रकार की गलती होने से कोई इंक्वायरी की संभावना बन रही है। नौकरी पेशा व्यक्ति भी अपने कार्यों को बहुत ही ध्यान पूर्वक करें।
लव - पति-पत्नी का एक-दूसरे से ज्यादा उम्मीद रखना आपसी संबंधों के लिए नुकसानदायक हो सकता है। इसलिए अपने स्वभाव में लचीलापन बनाकर रखना आवश्यक है।
स्वास्थ्य - स्वास्थ्य संबंधी कुछ परेशानी महसूस होगी। अपने ब्लड आदि टेस्ट जरूर करवाएं।
भाग्यशाली रंग: लाल, भाग्यशाली अंक: 1

सिंह (Leo)
पॉजिटिव - सामाजिक व धार्मिक गतिविधियों में समय अधिक व्यतीत होगा। आपके अच्छे कामों की वजह से समाज में आपकी पहचान बनेगी। और आर्थिक गतिविधियों में भी और अधिक मुनाफा मिलने की उम्मीद है।
नेगेटिव - परंतु साथ ही आपको अपने घर पर भी ध्यान देना आवश्यक है। बच्चों की समस्याओं को सुनना और उनका समाधान निकालना भी जरूरी है। भूमि बेचने संबंधी कार्यों को आज स्थगित रखें क्योंकि हानि होने की संभावना लग रही है।
व्यवसाय - कार्यक्षेत्र में गतिविधियां उत्तम रहेंगी। भाइयों का सहयोग आपके काम मे और अधिक विकास देगा। परंतु कर्मचारियों की वजह से तनाव उत्पन्न हो सकता है। इसलिए उनकी गतिविधियों को नजरअंदाज ना करें।
लव - पारिवारिक व्यक्तियों के स्वास्थ्य को लेकर कुछ चिंता रहेगी। परंतु सबके आपसी सहयोग से समस्याएं हल भी हो जाएंगी।
स्वास्थ्य - तनाव की अधिकता रहेगी। जिसका प्रभाव आपके पाचन तंत्र पर पड़ेगा। इसलिए अपनी दिनचर्या व्यवस्थित रखें।
भाग्यशाली रंग: गुलाबी, भाग्यशाली अंक: 4

कन्या (Virgo)
पॉजिटिव - आजकल आप अपनी कार्य क्षमता पर बहुत अधिक ध्यान दे रहे हैं। जिसका आपको सकारात्मक परिणाम भी मिल रहा है। किसी निकट रिश्तेदार के घर धार्मिक कृत्य संबंधी समारोह में शामिल होने का अवसर भी प्राप्त होगा।
नेगेटिव - ध्यान रखें आपके किसी वहम की वजह से नजदीकी मित्र आदि से कोई कहासुनी उत्पन्न हो सकती हैं। बेहतर होगा कि दूसरों के मामले से अपने आपको अलग ही रखें। क्योंकि इसका असर आपके परिवारिक जीवन पर भी पड़ सकता है।
व्यवसाय - व्यावसायिक क्षेत्र में आपकी मेहनत के अनुरूप ही उचित परिणाम भी प्राप्त होंगे। इसलिए अपना पूरा ध्यान अपने काम पर केंद्रित रखें। परंतु किसी भी प्रकार का कोई गैर कानूनी काम आपके लिए दिक्कत उत्पन्न कर सकता है। यह सावधानी अवश्य रखनी है।
लव - पति-पत्नी के किसी बीच बात को लेकर कलह जैसी स्थिति उत्पन्न होने की संभावना है। बेहतर होगा कि किसी मामले में हस्तक्षेप ना करें। उनको अपने अनुरूप काम करने दें।
स्वास्थ्य - स्वास्थ्य ठीक रहेगा। किसी प्रकार की भी चिंता ना करें। 
भाग्यशाली रंग: ब्राउन, भाग्यशाली अंक: 9

तुला (Libra)
पॉजिटिव - आज आप काम की अपेक्षा अपने आराम पर अधिक ध्यान देंगे। ऐसा करना आपके अंदर दोबारा नई ऊर्जा का संचार करेगा। सामाजिक/धार्मिक गतिविधियों में भी समय व्यतीत होगा। संतान के शिक्षा संबंधी उचित परिणाम मिलने से मन में प्रसन्नता भी रहेगी।
नेगेटिव - किसी पारिवारिक सदस्य के विवाहित जीवन विघटन संबंधी समस्या उत्पन्न होने से तनाव का माहौल रहेगा। परंतु आपका हस्तक्षेप और कुछ सुझाव से समाधान भी मिल सकता है।
व्यवसाय - कार्य क्षेत्र में पब्लिक डीलिंग और मार्केटिंग संबंधी कार्यो में अधिक ध्यान लगाएं। यह काम घर पर बैठे फोन आदि से ही संपन्न हो जाएंगे। और किसी को पैसा उधार ना दे, क्योंकि वापसी की उम्मीद नहीं है।
लव - घर में अनुशासन पूर्ण वातावरण रहेगा। सभी सदस्यों का अपने-अपने कार्यों के प्रति समर्पण आपकी जिम्मेदारियों को कम करेगा।
स्वास्थ्य - परिवार के किसी वरिष्ठ व्यक्ति को एलर्जी जैसी कोई दिक्कत उत्पन्न हो सकती है। उनका ध्यान रखें, नहीं तो परिस्थितियां गंभीर हो सकती हैं।
भाग्यशाली रंग: सफेद, भाग्यशाली अंक: 3

वृश्चिक (Scorpio)
पॉजिटिव - आपको पहले भी बताया गया है कि इस समय की ग्रह स्थितियां आपके भाग्य को बल प्रदान कर रही हैं। इनका उचित सम्मान करें। आप अपनी बुद्धिमता द्वारा धन व परिवार संबंधी समस्याओं को सुलझाने में समर्थ होंगे ।
नेगेटिव - यह भी ध्यान रखें कि कोई पुराना मुद्दा उभरने से तनाव जैसा वातावरण बनेगा। जिसकी वजह से किसी नजदीकी मित्र से संबंध खराब होने की संभावना है। इसलिए अपने गुस्से और कटु वाणी पर नियंत्रण रखें।
व्यवसाय - व्यवसाय में मशीनरी आदि से संबंधित कारोबार में कुछ नए आर्डर मिलेंगे। साथ ही कंसलटेंसी से संबंधित कार्यों में भी गति आएगी। सरकारी सेवारत व्यक्तियों से उच्च अधिकारी प्रसन्न रहेंगे।
लव - वैवाहिक संबंध खुशनुमा रहेगा। प्रेम संबंधों में भी नजदीकियां आएंगी। सिर्फ अपने गुस्से पर कंट्रोल रखने की जरूरत है।
स्वास्थ्य - जुकाम और खांसी की शिकायत रह सकती है। दूषित वातावरण से अपना बचाव करें।
भाग्यशाली रंग: ऑरेंज, भाग्यशाली अंक: 7

धनु (Sagittarius)
पॉजिटिव - अध्यात्म व धार्मिक कृत्यों के प्रति आपका रुझान बढ़ेगा। किसी भी काम को करने से पहले अपने मन की आवाज सुनें। आपकी अंतरात्मा आपको उचित रास्ते पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देगी।
नेगेटिव - इन सब कार्यों के साथ-साथ अपने घर और व्यवसाय पर भी ध्यान देना आवश्यक है। क्योंकि आपकी लापरवाही की वजह से घर में कुछ दिक्कतें उत्पन्न हो सकती हैं। जिसका नकारात्मक प्रभाव आपकी मानसिक स्थिति पर भी पड़ेगा।
व्यवसाय - व्यवसायिक कार्यो में अपने सहयोगियों और जीवन साथी के निर्णयों को प्राथमिकता दें। क्योंकि इस समय ग्रह स्थिति यही कह रही है कि आप अपने निर्णयों के प्रति कुछ कंफ्यूज रहेंगे।
लव - पति-पत्नी दोनों मिलकर घर की समस्याओं पर विचार-विमर्श करेंगे तो जल्दी ही घर का माहौल ठीक हो जाएगा। विवाहेत्तर संबंधों के उपजने की भी संभावना बन रही है। इसलिए सावधान रहें।
स्वास्थ्य - पेट और लीवर से संबंधित कुछ परेशानी महसूस होगी। अपने खान-पान  और दिनचर्या को व्यवस्थित रखें।
भाग्यशाली रंग: हरा, भाग्यशाली अंक: 6

मकर (Capricorn) 
पॉजिटिव - आपका कोई भी काम प्लानिंग से करना तथा सकारात्मक सोच आपको नई दिशा प्रदान करेगी। साथ ही घर में किसी प्रकार के परिवर्तन संबंधी योजना बन रही है तो उसको वास्तु के नियमों के अनुसार करना आपके लिए फायदेमंद साबित होगा।
नेगेटिव - ध्यान रखें कि आपका बहुत अधिक डिसिप्लिन स्वभाव दूसरों के लिए परेशानी का कारण बन सकता है। साथ ही बहुत अधिक सोच-विचार करना भी आपके कार्यों में रुकावटें लाएगा।
व्यवसाय - व्यवसाय में नए अनुबंध प्राप्त होंगे तो आपको अपनी कार्य क्षमता को भी बढ़ाना होगा। अन्यथा कार्यों को पूरा करने में दिक्कत होगी। नौकरी पेशा व्यक्ति जल्द ही अपना मनचाहा स्थान प्राप्त करेंगे।
लव - प्रेम संबंधों मे किसी प्रकार का भावनात्मक आघात लगने से मानसिक स्थिति विचलित रह सकती है। बेहतर होगा कि इन संबंधों से दूर ही रहे। अपने काम पर ध्यान लगाएं।
स्वास्थ्य - सोच-विचार करने और तनाव लेने से सिर दर्द और पेट खराब होने जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है। अपनी भावनाओं पर कंट्रोल रखें।
भाग्यशाली रंग: गुलाबी, भाग्यशाली अंक: 4

कुम्भ (Aquarius)
पॉजिटिव - आज आप अपनी बुद्धिमता के बल पर कुछ महत्वपूर्ण निर्णय लेंगे जो आपके लिए फायदेमंद भी साबित होंगे। संतान की तरफ से भी किसी प्रकार की चिंता दूर होने से घर परिवार में खुशनुमा वातावरण रहेगा। कोई पारिवारिक आयोजन संबंधी योजना भी बनेगी।
नेगेटिव - किसी भी तरह के गैरकानूनी कामों से दूर रहें। इसकी वजह से आपके ऊपर कोई इल्जाम लग सकता है। साथ ही गुस्से और जिद पर कंट्रोल रखें। विद्यार्थियों को शिक्षा संबंधी कार्यों में और अधिक ध्यान देने की आवश्यकता है
व्यवसाय - पारिवारिक व्यवसाय की तरफ अपनी कार्य क्षमता और ऊर्जा अधिक लगाएं। क्योंकि इस समय की ग्रह स्थिति आपको महत्वपूर्ण उपलब्धियां देने वाली है। आप घर में रहकर सभी काम सुचारू रूप से व्यवस्थित करते जाएंगे।
लव - घर-परिवार के सदस्यों का सहयोग और एक-दूसरे के प्रति समर्पण की भावना घर में खुशहाली भरा वातावरण व्याप्त करेगी। साथ ही प्रेम संबंधों में भी प्रगाढ़ता आएगी।
स्वास्थ्य - बदलते वातावरण की वजह से बुखार और थकान जैसी स्थिति महसूस होगी। गर्मी से अपना बचाव करें।
भाग्यशाली रंग: लाल, भाग्यशाली अंक: 1

मीन (Pieces)
पॉजिटिव - आज मनोरंजन और दोस्तों के साथ समय व्यतीत होगा। साथ ही दोस्तों के साथ कुछ पारिवारिक मेलजोल रहेगा। किसी भी कार्य को करने में घर के व्यक्तियों का सहयोग अवश्य लें। उनकी सलाह आपके भाग्य में वृद्धि करेगी।
नेगेटिव - संतान की गतिविधियों को नजरअंदाज ना करें क्योंकि उसकी लापरवाही से कुछ तनाव उत्पन्न हो सकता है। जिसका प्रभाव आपकी कार्य क्षमता पर भी पड़ेगा। भाइयों के साथ भी संबंध मधुर बनाकर रखने की जरूरत है।
व्यवसाय - अपने कार्य संबंधी योजनाओं में अपने जीवन साथी की सलाह अवश्य लें। क्योंकि उनका व्यापारिक नजरिया आपके कई कार्यों में सहयोग देगा। नौकरी पेशा व्यक्तियों के स्थान परिवर्तन के योग बन रहे हैं।
लव - पति-पत्नी का आपस में सहयोगात्मक व्यवहार संबंधों में और अधिक मजबूती प्रदान करेगा। परंतु बाहरी प्रेम संबंधों से दूरी बनाकर रखें।
स्वास्थ्य - ज्यादा चिंता की वजह से अपने अंदर ऊर्जा की कमी महसूस करेंगे। देशी व आयुर्वेदिक चीजों का अधिक से अधिक सेवन करें। और तनाव लेने से बचें।
भाग्यशाली रंग: पीला, भाग्यशाली अंक: 9

जिनका आज जन्मदिन है उनको हार्दिक शुभकामनाएं

दिनांक 22 को जन्मे व्यक्ति का मूलांक 4 होगा। इस अंक से प्रभावित व्यक्ति जिद्दी, कुशाग्र बुद्धि वाले, साहसी होते हैं। ऐसे व्यक्ति को जीवन में अनेक परिवर्तनों का सामना करना पड़ता है। जैसे तेज स्पीड से आती गाड़ी को अचानक ब्रेक लग जाए ऐसा उनका भाग्य होगा। लेकिन यह भी निश्चित है कि इस अंक वाले अधिकांश लोग कुलदीपक होते हैं। आपका जीवन संघर्षशील होता है। इनमें अभिमान भी होता है। ये लोग दिल के कोमल होते हैं किन्तु बाहर से कठोर दिखाई पड़ते हैं। इनकी नेतृत्व क्षमता के लोग कायल होते हैं। 
 
शुभ दिनांक : 4, 8, 13, 22, 26, 31 
 
शुभ अंक : 4, 8,18, 22, 45, 57


  
शुभ वर्ष : 2021, 2031, 2040, 2060   
 
ईष्टदेव : श्री गणेश, श्री हनुमान, 

 
शुभ रंग : नीला, काला, भूरा 
 
कैसा रहेगा यह वर्ष
यह वर्ष पिछले वर्ष के दुष्प्रभावों को दूर करने में सक्षम है। आपको सजग रहकर कार्य करना होगा। परिवारिक मामलों में सहयोग के द्वारा सफलता मिलेगी। मान-सम्मान में वृद्धि होगी, वहीं मित्र वर्ग का सहयोग मिलेगा।

नवीन व्यापार की योजना प्रभावी होने तक गुप्त ही रखें। शत्रु पक्ष पर प्रभावपूर्ण सफलता मिलेगी। नौकरीपेशा प्रयास करें तो उन्नति के चांस भी है। विवाह के मामलों में आश्चर्यजनक परिणाम आ सकते हैं।

21 Jul 2020

Shri Krishna Speaks: The Logic Of Karma Yoga



*|| जय श्री कृष्ण ||*🌷🙏*
*॥ श्रीमद्‍भगवद्‍गीता ॥ 14.17॥*

_सत्त्वात्सञ्जायते ज्ञानं रजसो लोभ एव च ।_
_प्रमादमोहौ तमसो भवतोऽज्ञानमेव च॥_

*भावार्थ :* 
सतोगुण से वास्तविक ज्ञान उत्पन्न होता है, रजोगुण से निश्चित रूप से लोभ ही उत्पन्न होता है और तमोगुण से निश्चित रूप से प्रमाद, मोह, अज्ञान ही उत्पन्न होता हैं। (१७)

*Meaning*:
From sattva arises wisdom, and rajas from greed. Heedlessness, error as well as ignorance arise from tamas.

*Explanation*:
Previously, we took the example of people who make it a habit to go to the gym everyday, and eventually make it into an integral part of their lives. If we fast forward that example a few months further, we find that these people have lost weight, they are taking care of their body, they are eating healthy, avoiding smoking and so on. Their persistence in getting over the initial pain of going to the gym has paid off. They enjoy the state being healthy and being fit. Intelligent action has shaped their physical state, and consequently, the physical state gives its result.
 
Similarly, mental states that were shaped by intelligent actions give results as well. Shri Krishna says that sattvic mental state gives us access to material and spiritual knowledge, since our intellect improves its ability to think clearly and grasp information quickly. A rajasic mental state makes us act in the world to rush after objects. We want objects we do not have, and want more of objects that we already have. A tamasic mental state has the worst possible outcome. It keeps us steeped in ignorance of the material world, and of our true nature. We do not want to act at all, and even if we do, we perform furtile actions, or perform careless actions.
 
This shloka and the prior shloka point out the self reinforcing nature of actions and gunaas. If we consciously perform sattvic actions day after day, we will generate a greater proportion of sattva in our mind, which will further spur sattvic actions. This is the logic behind karma yoga. By urging us to perform selfless actions, Shri Krishna wants us to rise from our rajasic and tamasic existence to one of greater sattva.

*Continuously Chant The mantra you have faith in ||*🌹

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Aaj Ka Panchang 21-07-2020


👏👏🛐🕉️❤️💚❤️
*हर हर महादेव*
*Har Har Mahadev*
*ॐ 🙏Pranaam🙏Divya Prabhat 😇Wish you 🌷happy🤣, loving, aware, meditative and 🙌enlightened day.*
🔺💐🙏🔱🙏💐🔺
*Stay at Home and make it a sweet Home*
*Keep chanting Namah Shivay and Har Har Mahadev*
*Let's pray for each other👏*
*आपका दिन 💐शुभ हो*
*Wishing you a wonderful Day🌷*

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पुण्य लाभ के लिए इस पंचांग को औरो को भी जरूर भेझे🙏🏻

🌞 ~ *आज का हिन्दू पंचांग*
⛅ *दिनांक 21 जुलाई 2020*
⛅ *दिन - मंगलवार*
⛅ *विक्रम संवत - 2077 (गुजरात - 2076)*
⛅ *शक संवत - 1942*
⛅ *अयन - दक्षिणायन*
⛅ *ऋतु - वर्षा*
⛅ *मास - श्रावण*
⛅ *पक्ष - शुक्ल* 
⛅ *तिथि - प्रतिपदा रात्रि 09:24 तक तत्पश्चात द्वितीया*
⛅ *नक्षत्र - पुष्प रात्रि 08:30 तक तत्पश्चात अश्लेशा*
⛅ *योग - वज्र शाम 05:35 तक तत्पश्चात सिद्धि*
⛅ *राहुकाल - शाम 03:52 से शाम 05:31 तक* 
⛅ *सूर्योदय - 06:09*
⛅ *सूर्यास्त - 19:20* 
⛅ *दिशाशूल - उत्तर दिशा में*
⛅ *व्रत पर्व विवरण - अमावस्यांत श्रावण मासारम्भ, नक्तव्रतारम्भ, शिवपार्थेश्वर पूजन प्रारंभ, शिवपूजनारम्भ, मंगलागौरी पूजन*
 💥 *विशेष - प्रतिपदा को कूष्माण्ड(कुम्हड़ा, पेठा) न खाये, क्योंकि यह धन का नाश करने वाला है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*
💥 *चतुर्मास के दिनों में ताँबे व काँसे के पात्रों का उपयोग न करके अन्य धातुओं के पात्रों का उपयोग करना चाहिए।(स्कन्द पुराण)*
💥 *चतुर्मास में पलाश के पत्तों की पत्तल पर भोजन करना पापनाशक है।*
               🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞

🌷 *श्रावण में रुद्राभिषेक करने का महत्व* 🌷
 *“रुद्राभिषेकं कुर्वाणस्तत्रत्याक्षरसङ्ख्यया, प्रत्यक्षरं कोटिवर्षं रुद्रलोके महीयते।* *पञ्चामृतस्याभिषेकादमृत्वम् समश्नुते।। ”*
🙏🏻 *श्रावण में रुद्राभिषेक करने वाला मनुष्य उसके पाठ की अक्षर-संख्या से एक-एक अक्षर के लिए करोड़-करोड़ वर्षों तक रुद्रलोक में प्रतिष्ठा प्राप्त करता है। पंचामृत का अभिषेक करने से मनुष्य अमरत्व प्राप्त करता है।*
             🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞

🌷 *श्रावण मास में भूमि पर शयन* 🌷
🌷 *"केवलं भूमिशायी तु कैलासे वा समाप्नुयात" - स्कन्दपुराण*
🙏🏻 *श्रावण मास में भूमि पर शयन करने से मनुष्य कैलाश में निवास प्राप्त करता है।*
             🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞रुद्राभिषेक के विभिन्न पूजन के लाभ इस प्रकार हैं-
 
• जल से अभिषेक करने पर वर्षा होती है।
 

• असाध्य रोगों को शांत करने के लिए कुशोदक से रुद्राभिषेक करें।
 
• भवन-वाहन के लिए दही से रुद्राभिषेक करें।
 
• लक्ष्मी प्राप्ति के लिए गन्ने के रस से रुद्राभिषेक करें।
 
• धनवृद्धि के लिए शहद एवं घी से अभिषेक करें।
 
• तीर्थ के जल से अभिषेक करने पर मोक्ष की प्राप्ति होती है।
 
• इत्र मिले जल से अभिषेक करने से बीमारी नष्ट होती है।
 
• पुत्र प्राप्ति के लिए दुग्ध से और यदि संतान उत्पन्न होकर मृत पैदा हो तो गोदुग्ध से रुद्राभिषेक करें।
 
• रुद्राभिषेक से योग्य तथा विद्वान संतान की प्राप्ति होती है।
 
• ज्वर की शांति हेतु शीतल जल/ गंगाजल से रुद्राभिषेक करें।
 
• सहस्रनाम मंत्रों का उच्चारण करते हुए घृत की धारा से रुद्राभिषेक करने पर वंश का विस्तार होता है।
 
• प्रमेह रोग की शांति भी दुग्धाभिषेक से हो जाती है।
 
• शकर मिले दूध से अभिषेक करने पर जड़बुद्धि वाला भी विद्वान हो जाता है।
 
• सरसों के तेल से अभिषेक करने पर शत्रु पराजित होता है।
 
• शहद के द्वारा अभिषेक करने पर यक्ष्मा (तपेदिक) दूर हो जाती है।
 
• पातकों को नष्ट करने की कामना होने पर भी शहद से रुद्राभिषेक करें।
 
• गोदुग्ध से तथा शुद्ध घी द्वारा अभिषेक करने से आरोग्यता प्राप्त होती है।
 
• पुत्र की कामना वाले व्यक्ति शकर मिश्रित जल से अभिषेक करें। ऐसे तो अभिषेक साधारण रूप से जल से ही होता है।

🌷 *पार्थिव शिवलिंग* 🌷
🙏🏻 *जो पार्थिव शिवलिंग का निर्माण कर एकबार भी उसकी पूजा कर लेता है, वह दस हजार कल्प तक स्वर्ग में निवास करता है, शिवलिंग के अर्चन से मनुष्य को प्रजा, भूमि, विद्या, पुत्र, बान्धव, श्रेष्ठता, ज्ञान एवं मुक्ति सब कुछ प्राप्त हो जाता है | जो मनुष्य ‘शिव’ शब्द का उच्चारण कर शरीर छोड़ता है वह करोड़ों जन्मों के संचित पापों से छूटकर मुक्ति को प्राप्त हो जाता है |’*
🙏🏻 *कलियुग में पार्थिव शिवलिंग पूजा ही सर्वोपरि है ।*
*कृते रत्नमयं लिंगं त्रेतायां हेमसंभवम्*
*द्वापरे पारदं श्रेष्ठं पार्थिवं तु कलौ युगे (शिवपुराण)*
🙏🏻 *शिवपुराण के अनुसार पार्थिव शिवलिंग का पूजन सदा सम्पूर्ण मनोरथों को देनेवाला हैं तथा दुःख का तत्काल निवारण करनेवाला है |*
🌷 *पार्थिवप्रतिमापूजाविधानं ब्रूहि सत्तम  ॥*
*येन पूजाविधानेन सर्वाभिष्टमवाप्यते  ॥*
🙏🏻 *अग्निपुराण के अनुसार*
🌷 *त्रिसन्ध्यं योर्च्चयेल्लिङ्गं कृत्वा विल्वेन पार्थिवम् ।*
*शतैकादशिकं यावत् कुलमुद्‌धृत्य नाकभाक् ।। ३२७.१५ ।। अग्निपुराण*
🙏🏻 *जो मनुष्य प्रतिदिन तीनों समय पार्थिव लिङ्ग का निर्माण करके बिल्वपत्रों से उसका पूजन करता है, वह अपनी एक सौ ग्यारह पीढ़ियों का उद्धार करके स्वर्गलोक को प्राप्त होता है।*
🙏🏻 *स्कंदपुराण के अनुसार*
*प्रणम्य च ततो भक्त्या स्नापयेन्मूलमंत्रतः॥*
*ॐहूं विश्वमूर्तये शिवाय नम॥*
*इति द्वादशाक्षरो मूलमंत्रः॥ ४१.१०२ ॥* 
🙏🏻 *"ॐ हूं विश्वमूर्तये शिवाय नमः"  यह द्वादशाक्षर मूल मंत्र है।  इससे शिवलिंग को स्नान कराना चाहिए।*
पंचक
8 जुलाई 
दोपहर 12.31 से 13 जुलाई प्रातः 11.15 बजे तक
4 अगस्त
 रात्रि 8.47 से 9 अगस्त सायं 7.05 बजे तक

एकादशी
बुधवार, 01 जुलाई देवशयनी एकादशी
गुरुवार, 16 जुलाई कामिका एकादशी
गुरुवार, 30 जुलाई श्रावण पुत्रदा एकादशी

प्रदोष
गुरुवार, 02 जुलै प्रदोष व्रत (शुक्ल)
शनिवार, 18 जुलै शनि प्रदोष व्रत (कृष्ण)

अमावस्या
20 जुलाई 2020 - सोमवार - श्रावण अमावस्या (हरियाली, सोमवती अमावस्या)

पूर्णिमा
आषाढ़ पूर्णिमा तिथि- 5 जुलाई- दिन रविवार

मेष - पॉजिटिव - आज आपका दिन घर परिवार के कार्यों को पूरा करने में व्यतीत होगा।   और काफी समस्याएं हल होने से घर का माहौल पॉजिटिव बनेगा। कोई रुकी हुई पेमेंट भी मिलने की पूरी संभावना है ।
नेगेटिव - परंतु ध्यान रखें कि किसी नजदीकी संबंधी से किसी प्रकार की कहा-सुनी हो सकती है। दूसरों की बातों में ना आएं। क्योंकि इसका असर परिवार पर भी  पड़ेगा। किसी भी प्रकार की यात्रा को स्थगित ही रखें।
व्यवसाय - कार्य क्षेत्र में काम में किसी वजह से रुकावट आने से तनाव रहेगा। कोई भी निर्णय लेने से पहले किसी अनुभवी व्यक्ति की सलाह अवश्य लें। नौकरी पेशा व्यक्तियों को भी अपने उच्चाधिकारियों से संबंध ठीक रखने की जरूरत है।
लव - आपकी व्यस्तता की वजह से घर की देखभाल का दायित्व आपका जीवन साथी बखूबी निभाएगा। इसलिए उनका मान-सम्मान बनाए रखें।
स्वास्थ्य - तनाव की वजह से स्वभाव में चिड़चिड़ापन रहेगा। जिसकी वजह से कुछ लोगों से कहासुनी हो सकती है। व्यवहार ठीक रखें। तथा योगा, मैडिटेशन पर ध्यान दें।
भाग्यशाली रंग: भूरा, भाग्यशाली अंक: 5

वृष - पॉजिटिव - कुछ दिनों से काम की अधिकता के कारण आज आप सुकून पाने के लिए आराम और मनोरंजन में समय व्यतीत करेंगे। बच्चों से संबंधित कोई शुभ सूचना प्राप्त होने से प्रसन्नता का वातावरण रहेगा। किसी धार्मिक आयोजन का भी प्रोग्राम बन सकता है।
नेगेटिव - आज बाहरी कामों में व दोस्तों के साथ समय व्यतीत करने मे कई महत्वपूर्ण काम अधूरे रह जाएंगे। और सिर्फ समय व्यर्थ ही होगा। जिसकी वजह से कुछ तनाव रह सकता है। बेहतर है कि फालतू के कामों में ध्यान ना लगाएं।
व्यवसाय - व्यवसायिक गतिविधियां सामान्य रहेंगी। आपके अधिकतर काम फोन द्वारा ही संपन्न हो जाएंगे। साथ ही आर्थिक स्थिति भी ठीक रहेगी। कोई रुका हुआ प्रॉपर्टी संबंधी कार्य संपन्न होने की संभावना है।
लव - वैवाहिक संबंध ठीक रहेंगे। प्रेम संबंधों में भी प्रगाढ़ता आएगी और पार्टनर के साथ लॉन्ग ड्राइव पर जाना मन को प्रफुल्लित करेगा।
स्वास्थ्य - कोल्ड, कफ जैसी शिकायत महसूस होगी। पर यह बदलते मौसम की वजह से है इसलिए ज्यादा फिक्र करने की जरूरत नहीं है।
भाग्यशाली रंग: सफेद, भाग्यशाली अंक: 1

मिथुन - पॉजिटिव - राशि स्वामी बुध का राशि में ही विराजित होना आपके आत्मविश्वास में वृद्धि कर रहा है। साथ ही महत्वपूर्ण योजनाओं को क्रियान्वित करने की उर्जा भी प्रदान कर रहा है। अपनी क्षमताओं व ऊर्जा का भरपूर उपयोग करें।
नेगेटिव -  धन संबंधी कोई निर्णय भी लेते समय अपने बजट का ध्यान अवश्य रखें। क्योंकि कुछ हानि होने की संभावना लग रही है। साथ ही खर्चों की भी अधिकता बनी रहेगी। परिवार में किसी बात को लेकर गलतफहमी उत्पन्न होगी।
व्यवसाय - व्यवसाय में किसी महत्वपूर्ण व्यक्ति की मदद मिलेगी तथा कुछ नए ऑर्डर मिलने की संभावना है। व्यवसायिक सभी गतिविधियों पर स्वयं ही निर्णय ले और कर्मचारियों के कार्यों पर भी नजर रखें।
लव - जीवनसाथी का स्वास्थ्य खराब होने की वजह से घर और व्यवसाय दोनों जगह संतुलन बनाकर रखना होगा। परिवार में आपका सहयोग आपसी संबंधों को  मजबूत बनाएगा। 
स्वास्थ्य - स्वास्थ्य ठीक रहेगा। काम की अधिकता की वजह से थकान और तनाव रहेगा।
भाग्यशाली रंग: बादामी, भाग्यशाली अंक: 7

कर्क - पॉजिटिव - आज परिस्थितियां बहुत ही धन दायक हैं। इनका भरपूर उपयोग करें। संतान का शिक्षा संबंधी कोई सुखद समाचार मिलने से मन में प्रसन्नता रहेगी। तथा उनके भविष्य संबंधी प्लानिंग में समय व्यतीत होगा।
नेगेटिव - अपने अंदर ऊर्जा की कमी महसूस करेंगे जिसकी वजह से काम रुकने की वजह से चिड़चिड़ापन रहेगा। अपने अंदर ईगो की भावना न उपजने दें। और घर के बुजुर्गों के मान-सम्मान का भी ध्यान रखें।
व्यवसाय - व्यवसायिक स्थल पर किसी नए काम की शुरुआत हो सकती है। अभी उससे लाभ की उम्मीद ना करें। सिर्फ काम पर ध्यान केंद्रित रखें। निकट भविष्य में इसके उचित फल अवश्य प्राप्त होंगे। नौकरी पेशा व्यक्तियों के लिए समय अच्छा है।
लव - पति-पत्नी के संबंधों में कुछ तकरार उत्पन्न हो सकती हैं। परंतु जरा सी समझदारी वातावरण को पुनः सामान्य बना देगी।
स्वास्थ्य - आज सिर में दर्द और माइग्रेन जैसी समस्या उत्पन्न हो सकती हैं। इसलिए भरपूर आराम भी लेना आवश्यक है।
भाग्यशाली रंग: ऑरेंज, भाग्यशाली अंक: 2

सिंह - पॉजिटिव - आपको अपने हर काम में किसी घनिष्ठ मित्र का सहयोग मिलेगा। और  धन संबंधी कुछ लाभदायक स्थितियां भी बनेगी। अगर किसी प्रॉपर्टी को बेचने संबंधी कोई योजना बन रही है तो उस पर विचार करें, कामयाबी मिलेगी।
नेगेटिव - संतान संबंधी किसी काम की जो उम्मीदें रखी थी उनमें कुछ कमीं रहने की वजह से मन व्यथित रह सकता है। परंतु टेंशन लेने से घर में नकारात्मक ऊर्जा ही आएगी। इसलिए अपनी मनःस्थिति को सामान्य बनाकर रखना आवश्यक है।
व्यवसाय - व्यवसायिक काम सुचारू रूप से चलेंगे। परंतु इंपोर्ट-एक्सपोर्ट जैसे कार्यों को स्थगित रखें। क्योंकि नुकसान होने की संभावना लग रही है। साथ ही कर्मचारियों की गतिविधियों पर भी नजर रखना आवश्यक है।
लव - विवाहेत्तर संबंधों का नकारात्मक प्रभाव आपके वैवाहिक संबंधों पर पड़ सकता है। जिससे तनाव उत्पन्न होगा इसलिए इन बातों से दूर रहे।
स्वास्थ्य - घर के किसी बुजुर्ग के स्वास्थ्य को लेकर चिंता रहेगी। अस्पताल आदि के चक्कर भी लग सकते हैं। इसलिए उनका ध्यान रखना आवश्यक है।
भाग्यशाली रंग: पीच, भाग्यशाली अंक: 6

कन्या - पॉजिटिव - आज अपने प्रत्येक कार्य के प्रति पूरी जागरूकता रखने की जरूरत है। अपनी योजनाओं को गोपनीय तरीके से क्रियान्वित करते रहें। किसी समाज सेवी संस्था में सहयोग देना आपके मान-सम्मान में वृद्धि करेगा।
नेगेटिव - आपको अपनी मेहनत के अनुरूप परिणाम नहीं मिलेंगे। इसलिए धैर्य बनाए रखना आवश्यक है। साथ ही आय के साधनों में भी कमीं आएगी। किसी पर भी ज्यादा शक करना आपको नुकसान दे सकता है।
व्यवसाय - रिश्तेदारों से संबंधित कोई परेशानी सुलझाने की वजह से अपने व्यवसाय में अधिक ध्यान नहीं दे पाएंगे। परंतु किसी अन्य पर भरोसा ना करें। आपकी कुछ गतिविधियां लीक हो सकती हैं। नौकरी पेशा व्यक्तियों को तरक्की मिलने के योग बन रहे हैं।
लव - पारिवारिक वातावरण में कोई कलह पूर्ण स्थिति बन रही है। जिसकी वजह से पति-पत्नी के आपसी संबंधों में दरार उत्पन्न हो सकती है। इसके लिए सावधानी बनाकर रखना अति आवश्यक है।
स्वास्थ्य - स्वास्थ्य उत्तम रहेगा। किसी प्रकार की चिंता ना करें।
भाग्यशाली रंग: गुलाबी, भाग्यशाली अंक: 3

तुला - पॉजिटिव - आज पारिवारिक कार्य को योजनाबद्ध व डिसिप्लिन तरीके से करने के कारण कई कार्य सुचारू रूप से संपन्न हो जाएंगे। तथा परिवार में भी अनुशासन बना रहेगा। राजनैतिक संबंध बनने की संभावना है जिससे जनसंपर्क का दायरा बढ़ेगा।
नेगेटिव - आलस को अपने ऊपर हावी ना होने दें। साथ ही बाहरी व्यक्तियों की गतिविधियों पर पूरी नजर रखें। किसी तरह का धोखा होने की संभावना है। धन संबंधी लेनदेन को भी सावधानी पूर्वक करने की आवश्यकता है।
व्यवसाय - व्यवसाय में अपने संपर्क सूत्रों पर अधिक से अधिक ध्यान दें। क्योंकि इनके द्वारा कोई बड़ा ऑर्डर मिलने की संभावना बन रही है। पारिवारिक तनाव को अपने काम पर हावी ना होने दें। नौकरी पेशा लोग अपनी फाइलों और कागजातों को संभालकर रखें।
लव - जीवन साथी का स्वास्थ्य नरम रहेगा। जिसकी वजह से घर और व्यवसाय दोनों पर आपको ध्यान देने की आवश्यकता है। प्रेम संबंधों में भी किसी प्रकार की दरार पड़ने की आशंका है।
स्वास्थ्य - व्यवहार में क्रोध की अधिकता रहने की वजह से तनाव और शारीरिक कमजोरी महसूस रहेगी। इसलिए धैर्य बनाकर रखना आवश्यक है।
भाग्यशाली रंग: लाल, भाग्यशाली अंक: 9

वृश्चिक - पॉजिटिव - आप अपनी बौद्धिक क्षमता के बल पर कुछ ऐसा सकारात्मक परिणाम हासिल करेंगे जिसकी वजह से समाज व निकट संबंधियों के बीच मान-सम्मान बढ़ेगा। आपको कोई उपलब्धि भी प्राप्त होगी।
नेगेटिव - परंतु ध्यान रखें, कोई पुराना मुद्दा उभर सकता है। जिसकी वजह से किसी नजदीकी मित्र से संबंध खराब होने की संभावना है। घर के किसी बड़े बुजुर्ग के साथ वाद-विवाद में उलझना आपके लिए ही दुखदाई रहेगा।
व्यवसाय - व्यावसायिक कार्यों में आज कुछ कमीं रहेगी। इसके लिए भाग्य को दोष ना देकर अपनी कार्यप्रणाली को बदलने की आवश्यकता है। नौकरी पेशा व्यक्तियों को भी अपने टारगेट पूरा करने में तनाव उत्पन्न हो सकता है।
लव - जीवन साथी सहयोग व धैर्य आप के मनोबल को बढ़ाएगा। साथ ही कुछ रुके हुए काम भी उनकी मदद से पूर्ण होंगे।
स्वास्थ्य - अपने विचारों को सकारात्मक रखें। क्योंकि गलत विचारों से आपके अंदर डिप्रेशन जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती हैं।
भाग्यशाली रंग: केसरिया, भाग्यशाली अंक: 4

धनु - पॉजिटिव - कुछ दिनों से आपकी रुचि आध्यात्म और धर्म-कर्म में बढ़ रही है। जिससे आपके व्यवहार में बहुत अधिक सकारात्मक बदलाव आया है। आज भी इन्ही कार्यों में समय व्यतीत होगा। और समाज में भी आपकी पहचान बनेगी।
नेगेटिव - परिवार की जरूरतों का भी ध्यान रखना अति आवश्यक है। किसी संतान के भविष्य संबंधी योजनाओं में आपका सहयोग उसे आत्मबल प्रदान करेगा। पैतृक संबंधी कुछ कार्यों में रुकावट आने से तनाव उत्पन्न हो सकता है।
व्यवसाय - साझेदारी के व्यवसाय मे लाभदायक परिस्थितियां बनेंगी। तथा पार्टनर  की योजनाएं और कार्यशैली, व्यवसाय के प्रति लाभदायक साबित होगी। परंतु आपको कोई भी निर्णय लेने से पहले उस पर पुनः विचार करने की आवश्यकता है।
लव - पति-पत्नी के संबंधों में घर की समस्याओं को लेकर कोई वाद-विवाद उत्पन्न हो सकता है। और कुछ बातें बाहर भी निकलने की संभावना है। इसलिए सचेत रहें।
स्वास्थ्य - कब्ज, गैस जैसी परेशानी रहने से पेट खराब रहेगा। कमजोरी भी महसूस हो सकती है।
भाग्यशाली रंग: नीला, भाग्यशाली अंक: 8

मकर - पॉजिटिव - परिवारिक गतिविधियों को सुचारू रूप में रखने के लिए कुछ योजनाएं बनाएंगे। और उसमें कामयाब भी रहेंगे। संतान संबंधी कोई शुभ समाचार मिलने से प्रसन्नता मिलेगी। तथा कोई मनोरंजन संबंधी प्रोग्राम भी बनेगा।
नेगेटिव - परंतु बहुत अधिक डिसिप्लिन होना परिवार के लोगों को परेशान कर सकता है। इसलिए व्यवहार में थोड़ा लचीलापन भी बनाकर रखें।  मामा पक्ष से संबंधों में किसी प्रकार की खटास ना उत्पन्न होने दे।
व्यवसाय - कार्य क्षेत्र में कोई महत्वपूर्ण अथॉरिटी मिलेगी। परंतु साथ ही कुछ रुकावटें आने से परेशानियां भी उत्पन्न होंगी। इस समय वर्तमान स्थितियों को देखते हुए संयम बनाकर रखना अति आवश्यक है। साथ में कंपटीशन में अधिक मेहनत करने की जरूरत है।
लव - पति-पत्नी के संबंधों में रोमांटिक नजदीकियां रहेंगी। प्रेम संबंधों में भी प्रगाढ़ता आएगी।
स्वास्थ्य - बदलते मौसम की वजह से कोई इंफेक्शन या छाती से संबंधित कोई दिक्कत उत्पन्न हो सकती हैं। खानपान का थोड़ा परहेज रखें।
भाग्यशाली रंग: आसमानी, भाग्यशाली अंक: 1

कुम्भ - पॉजिटिव - काफी दिनों से घर में समय व्यतीत हो रहा था। आज घर से बाहर की गतिविधियों पर ध्यान देना आपके लिए लाभदायक परिस्थितियों का निर्माण करेगा।  तथा आप अपनी बुद्धिमानी और व्यापारिक सोच से लाभ के नए स्रोत बना सकेंगे।
नेगेटिव - परंतु अपने क्रोध और जिद पर नियंत्रण रखें। इसकी वजह से भाई-बहनों के साथ संबंधों में दूरियां आ सकती हैं। और पारिवारिक विघटन की भी संभावना उत्पन्न हो सकती है।
व्यवसाय - पारिवारिक व्यवसाय संबंधी कार्यों को ध्यान पूर्वक करें या आज स्थगित रखें तो ज्यादा बेहतर होगा। मार्केटिंग संबंधी कार्यों में अधिक ध्यान लगाएं, फायदेमंद साबित होगा।
लव - विवाहेत्तर संबंध बनने की संभावना है। इन गतिविधियों से दूर रहें। इसका प्रभाव आपकी कार्यप्रणाली पर नकारात्मक रूप से पड़ सकता है।
स्वास्थ्य - मनोबल में कमीं महसूस होगी। जिसका प्रभाव आज आपकी कार्य क्षमता पर पड़ेगा। आयुर्वेदिक चीजों का अधिक से अधिक सेवन करें।
भाग्यशाली रंग: पीला, भाग्यशाली अंक: 6

मीन - पॉजिटिव - ईश्वरीय सत्ता पर विश्वास रखना और बड़े बुजुर्गों का आशीर्वाद आपके लिए भाग्य के उदय का निर्माण कर रहा है। इन्हें महसूस करें। आपके आत्मबल में वृद्धि होगी। और आप एक नई ऊर्जा के साथ काम के प्रति एकाग्रचित्त रहेंगे।
नेगेटिव - कभी-कभी भावनात्मक रूप से आप खुद को कमजोर महसूस करेंगे। परिवारिक लोगों के साथ मनोरंजन आदि गतिविधियों में समय व्यतीत करें। किसी संतान से संबंधित भी कोई चिंता उत्पन्न होगी।
व्यवसाय - व्यवसाय में गतिविधियां सामान्य ही रहेंगी। जैसा चल रहा है उसी में धैर्य बनाकर रखें। कलात्मक कार्य, टूर एंड ट्रैवल व मीडिया संबंधी कार्यों में बहुत अधिक मुनाफा प्राप्त होगा। इसलिए अपनी पूरी क्षमता के साथ काम करें।
लव - पारिवारिक वातावरण उत्साहवर्धक रहेगा एवं परिवार में किसी धार्मिक आयोजन की योजना भी बनेगी।
स्वास्थ्य - किसी प्रकार का भावनात्मक आघात लगने से ब्लड प्रेशर और पेट से संबंधित कोई दिक्कत उत्पन्न हो सकती है। अपने मनोबल को स्ट्रांग बनाकर रखें।
भाग्यशाली रंग: लाल, भाग्यशाली अंक:

जिनका आज जन्मदिन है उनको हार्दिक शुभकामनाएं

अंक ज्योतिष के अनुसार आपका मूलांक तीन आता है। यह बृहस्पति का प्रतिनिधि अंक है। ऐसे व्यक्ति निष्कपट, दयालु एवं उच्च तार्किक क्षमता वाले होते हैं। अनुशासनप्रिय होने के कारण कभी-कभी आप तानाशाह भी बन जाते हैं। आप दार्शनिक स्वभाव के होने के बावजूद एक विशेष प्रकार की स्फूर्ति रखते हैं। आपकी शिक्षा के क्षेत्र में पकड़ मजबूत होगी। आप एक सामाजिक प्राणी हैं। आप सदैव परिपूर्णता या कहें कि परफेक्शन की तलाश में रहते हैं यही वजह है कि अक्सर अव्यवस्थाओं के कारण तनाव में रहते हैं। 
 
शुभ दिनांक : 3, 12, 21, 30
 
शुभ अंक : 1, 3, 6, 7, 9

 
शुभ वर्ष :  2028, 2030, 2031, 2034, 2043, 2049, 2052
 
ईष्टदेव : देवी सरस्वती, देवगुरु बृहस्पति, भगवान विष्णु 

 
शुभ रंग : पीला, सुनहरा और गुलाबी 
 
कैसा रहेगा यह वर्ष
यह वर्ष आपके लिए अत्यंत सुखद है। किसी विशेष परीक्षा में सफलता मिल सकती है। नौकरीपेशा के लिए प्रतिभा के बल पर उत्तम सफलता का है। नवीन व्यापार की योजना भी बन सकती है। दांपत्य जीवन में सुखद स्थिति रहेगी। घर या परिवार में शुभ कार्य होंगे। मित्र वर्ग का सहयोग सुखद रहेगा। शत्रु वर्ग प्रभावहीन होंगे। महत्वपूर्ण कार्य से यात्रा के योग भी है।

20 Jul 2020

Krishna-Speaks: Behaviour creates habit


*|| जय श्री कृष्ण ||*🌷🙏*

*॥ श्रीमद्‍भगवद्‍गीता ॥ 14.16॥*

_कर्मणः सुकृतस्याहुः सात्त्विकं निर्मलं फलम्‌ ।_
_रजसस्तु फलं दुःखमज्ञानं तमसः फलम्‌॥_

*भावार्थ :* 
सतोगुण में किये गये कर्म का फल सुख और ज्ञान युक्त निर्मल फल कहा गया है, रजोगुण में किये गये कर्म का फल दुःख कहा गया है और तमोगुण में किये गये कर्म का फल अज्ञान कहा गया है। (१६)

*Meaning*:
The result of good action is sattvik and pure, it is said, while the result of rajas is sorrow, and the result of tamas is ignorance.

*Explanation*:
When new year comes around, many people make new year resolutions to lose weight. Many take a gym membership, but most end up using it only for a few days. The ones that consciously develop a habit of going to the gym everyday are the most likely to lose weight. Even if they go to the gym for ten minutes every day, they will lose weight. This is because habits are self reinforcing. A behaviour creates a habit, which pushes us to repeat the behaviour, which strengthens the habit, and so on.
 
Similarly, we can shape our mental states by choosing our actions consciously. Shri Krishna says that sattvic or selfless actions generate a sattvic state, rajasic or selfish actions generate a rajasic state, and tamasic or ignorant actions generate a tamasic state. If we are predominantly rajasic by nature, we can improve our state by emphasizing the performance of sattvic actions. If we are predominantly tamasic by nature, we can change it by emphasizing the performance of rajasic actions.
 
The law of karma holds true in every situation, including this one. If we perform rajasic actions, we will attain temporary joy, which will eventually generate sorrow. It does not take a large amount of raaga dvesha, likes or dislikes, to make us act selfishly. And if we perform tamasic actions, we will continue to live our lives in inertness and ignorance. Only through sattvic actions will we create a state of purity and serenity in our mind.


*Continuously Chant The mantra you have faith in ||*🌹

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Aaj ka Panchang 20-07-2020, Samadhan


👏👏🛐🕉️❤️💚❤️
*हर हर महादेव*
*Har Har Mahadev*
*ॐ 🙏Pranaam🙏Divya Prabhat 😇Wish you 🌷happy🤣, loving, aware, meditative and 🙌enlightened day.*
🔺💐🙏🔱🙏💐🔺
*Stay at Home and make it a sweet Home*
*Keep chanting Namah Shivay and Har Har Mahadev*
*Let's pray for each other👏*
*आपका दिन 💐शुभ हो*
*Wishing you a wonderful Day🌷*

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पुण्य लाभ के लिए हिन्दू पंचांग औरो को भी जरूर भेझे।🙏🏻
🌞 ~ *आज का हिन्दू पंचांग* ~ 🌞
⛅ *दिनांक 20 जुलाई 2020*
⛅ *दिन - सोमवार*
⛅ *विक्रम संवत - 2077 (गुजरात - 2076)*
⛅ *शक संवत - 1942*
⛅ *अयन - दक्षिणायन*
⛅ *ऋतु - वर्षा*
⛅ *मास - श्रावण (गुजरात एवं महाराष्ट्र अनुसार आषाढ़)*
⛅ *पक्ष - कृष्ण* 
⛅ *तिथि - अमावस्या रात्रि 11:03 तक तत्पश्चात प्रतिपदा*
⛅ *नक्षत्र - पुनर्वसु रात्रि 09:21 तक तत्पश्चात पुष्प*
⛅ *योग - हर्षण रात्रि 07:53 तक तत्पश्चात वज्र*
⛅ *राहुकाल - सुबह 07:35 से सुबह 09:15 तक* 
⛅ *सूर्योदय - 06:08*
⛅ *सूर्यास्त - 19:21* 
⛅ *दिशाशूल - पूर्व दिशा में*
⛅ *व्रत पर्व विवरण - दर्श अमावस्या, हरियाली अमावस्या, सोमवती अमावस्या (सूर्योदय से रात्रि 11:03 तक), दिवासा-रात्रि जागरण*
 💥 *विशेष - अमावस्या के दिन ब्रह्मचर्य पालन करें तथा तिल का तेल खाना और लगाना निषिद्ध है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-38)*
💥 *चतुर्मास के दिनों में ताँबे व काँसे के पात्रों का उपयोग न करके अन्य धातुओं के पात्रों का उपयोग करना चाहिए।(स्कन्द पुराण)*
💥 *चतुर्मास में पलाश के पत्तों की पत्तल पर भोजन करना पापनाशक है।*
               🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞

🌷 *सोमवती अमावस्या पर विशेष मंत्र* 🌷
💵 *जिनको पैसो की कमजोरी है वह तुलसी माता की १०८ प्रदिक्षणा करें | और  श्री हरि.... श्री हरि.... श्री हरि.... श्री हरि.... ‘श्री’ माना सम्पदा, ‘हरि’ माना भगवान की दया पाना | तो गरीबी चली जाएगी
          🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞

🌷 *नकारात्मक ऊर्जा मिटाने के लिए* 🌷
🏡  *घर में हर अमावस अथवा हर १५ दिन में पानी में खड़ा नमक (१ लीटर पानी में ५० ग्राम खड़ा नमक) डालकर पोछा लगायें । इससे नेगेटिव एनेर्जी चली जाएगी । अथवा खड़ा नमक के स्थान पर गौझरण अर्क भी डाल सकते हैं ।*
          🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞

🌷 *समृद्धि बढ़ाने के लिए* 🌷
🌙 *कर्जा हो गया है तो अमावस्या के दूसरे दिन से पूनम तक रोज रात को चन्द्रमा को अर्घ्य दे, समृद्धि बढेगी ।*
🙏🏻 *दीक्षा मे जो मन्त्र मिला है उसका खूब श्रध्दा से जप करना शुरू करें,जो भी समस्या है हल हो जायेगी ।*
          🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞

🌷 *स्कन्दपुराण‬ के प्रभास खंड के अनुसार* 
*"अमावास्यां नरो यस्तु परान्नमुपभुञ्जते ।। तस्य मासकृतं पुण्क्मन्नदातुः प्रजायते"*
🍲 *जो व्यक्ति ‪अमावस्या‬ को दूसरे का अन्न खाता है उसका महिने भर का पुण्य उस अन्न के स्वामी/दाता को मिल जाता है।*
         🌞 *~  हिन्दू पंचांग ~* 🌞

🌷 *खेती के काम में ये सावधानी रहे* 🌷
🚜 *ज़मीन है अपनी... खेती काम करते हैं तो अमावस्या के दिन खेती का काम न करें .... न मजदूर से करवाएं | जप करें भगवत गीता का ७ वां अध्याय अमावस्या को पढ़ें ...और उस पाठ का पुण्य अपने पितृ को अर्पण करें ... सूर्य को अर्घ्य दें... और प्रार्थना करें " आज जो मैंने पाठ किया ...अमावस्या के दिन उसका पुण्य मेरे घर में जो गुजर गए हैं ...उनको उसका पुण्य मिल जाये | " तो उनका आर्शीवाद हमें मिलेगा और घर में सुख-सम्पति बढ़ेगी |*
🙏🏻 🌺🙏
पंचक
8 जुलाई 
दोपहर 12.31 से 13 जुलाई प्रातः 11.15 बजे तक
4 अगस्त
 रात्रि 8.47 से 9 अगस्त सायं 7.05 बजे तक

एकादशी
बुधवार, 01 जुलाई देवशयनी एकादशी
गुरुवार, 16 जुलाई कामिका एकादशी
गुरुवार, 30 जुलाई श्रावण पुत्रदा एकादशी

प्रदोष
गुरुवार, 02 जुलै प्रदोष व्रत (शुक्ल)
शनिवार, 18 जुलै शनि प्रदोष व्रत (कृष्ण)

अमावस्या
20 जुलाई 2020 - सोमवार - श्रावण अमावस्या (हरियाली, सोमवती अमावस्या)

पूर्णिमा
आषाढ़ पूर्णिमा तिथि- 5 जुलाई- दिन रविवार

मेष - 
आज का दिन आपके लिए शानदार है। कोई नया प्रोजेक्ट हाथ लग सकता है, जिसका आप कुछ समय से इंतज़ार कर रहे थे। अपनी योग्यता पर भरोसा रखें और किसी की भी बात के कारण इतना प्रभावित न हों की आपके आत्मविश्वास में कमी हो। अपने आप को हर परिस्थिति में संयमित बनाएं रखें। आज किसी नए व्यक्ति से मुलाक़ात हो सकती है जो आपके लिए महत्वपूर्ण साबित होगी। आज थोड़ा समय अपने लिए भी निकालें। 

वृष - 
आज का दिन आपके लिए कुछ परेशानियों भरा रह सकता है। आपको इस समय धैर्य से काम लेना होगा। कुछ महत्वपूर्ण कामों के पूरा होने में समय लग सकता है। आज अपनी जिम्मेदारियों और आवश्यक कामों को थोड़ा तेजी से निपटाएं, अपने आप के लिए कुछ समय निकालें। महत्वपूर्ण निर्णयों के लिए आज चिंता न करके उन्हें समय पर छोड़ दें। आपके चिंता करने से उनका हल नहीं निकलेगा।

मिथुन -
आज का दिन आपके लिए अपने मन में उठते विचारों पर नियंत्रण के साथ आगे बढ़ने का है। जिस परिस्थिति को आप टालने का प्रयास कर रहे हैं, उसका सामना जितनी जल्दी करेंगे उतना आपके लिए लाभदायक रहेगा और तनाव भी दूर होगा। नकारात्मक सोच से बचें, किसी एक्सपर्ट या काउंसलर से मिलें। पुरानी बातों को सोच कर अपने वर्तमान को खराब न करें। मेडिटेशन, योग और प्राणायाम आपके लिए बहुत लाभकारी रहेगा।

कर्क - 
आज का दिन आपके लिए अच्छा है लेकिन आत्मविश्वास की कमी के कारण कुछ समस्या महसूस करेंगे। भविष्य की चिंता में अपने वर्तमान को खराब न करें। इतना ज्यादा भविष्य के लिए सोचना और चिंतित रहना यह दर्शाता है की आपको उस सर्वव्यापी इश्वर पर भरोसा नहीं की वह आपका सदा ख़याल रखेगा। व्यर्थ की चिंताओं के कारण मन में तनाव बढेगा और काम से फोकस हटेगा। अपनी सोच पर नियंत्रण रखें। 

सिंह -
आज का दिन आपके लिए क्रिएटिव एनर्जी का स्तर ऊंचा रखने का है। आपको अच्छे अवसर मिल सकते हैं। इसे उचित दिशा प्रदान करेंगे तो लाभ होगा। इसके साथ साथ आज यह भी आवश्यक है कि आप प्रयास करने के साथ प्रयास को फलित होने का भी मौका दें। धैर्य और संयम से काम लें। धन लाभ के योग हैं। किसी भी प्रकार की कमी नहीं है। केवल अपने व्यवहार में संयम बनाए रखें।

कन्या - 
आज आपको अपनी योग्यता के मुताबिक काम मिलने या कोई भूमिका मिलने नहीं मिलने से आपको थोड़ी असहजता का सामना करना पड़ सकता है। इस कारण अपने मन में कोई तनाव न होने दें। अवसर यदि नहीं मिल रहा तो अवसर अपने आप बनाने का प्रयास करें। आज कुछ नया आरम्भ करने के लिए दिन अच्छा है, कोई नयी योजना बनाएं किन्तु उस पर काम करने की भी आवश्यकता है। 

तुला - 
सेहत के लिए अपनी मेहनत करते रहें, जल्द ही अच्छा फल मिलेगा। आज का दिन कुछ परेशानी भरा हो सकता है। जैसे-जैसे पुरानी परिस्थितियां छूटती जा रही हैं, मन में उदासी महसूस होगी। किन्तु यह एक नए जीवन की ओर का संकेत भी है। इस बदलाव को ख़ुशी से अपनाएं। जो आपके जीवन के लिए सहायक नहीं है, वह आपसे दूर हो जाएगा। आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ाएं।

वृश्चिक -
आज आपको आपकी कल्पनाशक्ति का पुरस्कार मिल सकता है। आपको अपनी योजनाओं के लिए तारीफ मिलेगी। काम में आपका फोकस बहुत अच्छा बना हुआ है लेकिन इसके चलते अपने परिवार और निजी जीवन की जिम्मेदारियों को अनदेखा न करें। किसी परिवारजन के साथ व्यापार करने का सोच रहे हैं तो अच्छा रहेगा। आज सामाजिक मेलजोल में किसी ऐसे व्यक्ति से मुलाक़ात हो सकती है जिससे आपके अच्छे गहरे सम्बन्ध बनेंगे। 

धनु - 
आज का दिन आपके लिए भावनात्मक परिस्थितियों वाला रह सकता है। आपमें भावनाओं का आवेग ज्यादा रह सकता है। अपने विचारों पर नियंत्रण रखें नहीं तो ऐसी मनःस्थिति में लिए हुए निर्णय गलत हो सकते हैं। अपने समय को महत्त्व दें, आज उसे दोस्तों के साथ व्यर्थ के वार्तालाप में नष्ट न करें। यदि कोई व्यवसाय आरम्भ करने जा रहे हैं तो उससे संबंधित दस्तावेज़ अच्छे से जांच लें। 

मकर -
आज का दिन आपके लिए कुछ आलस्य से भरा हो सकता है। आप में ऊर्जा की थोड़ी कमी महसूस हो सकती है। लम्बे समय से चली आ रही परिस्थितियों में परिवर्तन आएगा, जिस कारण मन में उदासी-सी महसूस हो सकती है। परिवर्तन ही जीवन का नियम है, अच्छा या बुरा कुछ भी स्थायी नहीं है। लोगों  और वस्तुओं से अपने आप को वियुक्त करें। आज का दिन अपने  इष्ट देव को याद करें और उनकी अर्चना अवश्य करें।

कुंभ - 
आज का दिन आपके लिए पुरानी चिंताओं से मुक्ति पाने और नए विचारों के साथ आगे बढ़ने का है। किसी बात को लेकर चिंतित हैं तो उसे किसी से शेयर करें। इससे मन भी हल्का होगा और चिंता का हल भी मिल जाएगा। भविष्य को लेकर परेशान न हों, समय के साथ सब कुछ सुलझ जाएगा। आपमें आज ऊर्जा की कमी नहीं है। इसे उचित दिशा में लगाएं। अपनी सेहत का पूरा ख़याल रखें।

मीन -
आज का दिन आपके लिए अप्रत्याशित परिस्थितियों और अप्रत्याशित लाभ वाला रहेगा। परिस्थितियां शुरुआत में थोड़ी विरोध वाली लगेंगी लेकिन अंत में वो आपके फेवर में आ जाएंगी। इसके लिए आपको अपने मन पर नियंत्रण रखना होगा। आज आपको आध्यात्मिक प्रगति करने के भी अच्छे अवसर प्राप्त होंगे। अपने जीवन में अपने अलावा दूसरों की भलाई करने में भी लगाएं

जिनका आज जन्मदिन है उनको हार्दिक शुभकामनाएं

दिनांक 20 को जन्मे व्यक्ति का मूलांक 2 होगा। ग्यारह की संख्या आपस में मिलकर दो होती है इस तरह आपका मूलांक दो होगा। इस मूलांक को चंद्र ग्रह संचालित करता है। चंद्र ग्रह मन का कारक होता है। आप अत्यधिक भावुक होते हैं। आप स्वभाव से शंकालु भी होते हैं। दूसरों के दु:ख-दर्द से आप परेशान हो जाना आपकी कमजोरी है। 
 
आप मानसिक रूप से तो स्वस्थ हैं लेकिन शारीरिक रूप से आप कमजोर हैं। चंद्र ग्रह स्त्री ग्रह माना गया है। अत: आप अत्यंत कोमल स्वभाव के हैं। आपमें अभिमान तो जरा भी नहीं होता। चंद्र के समान आपके स्वभाव में भी उतार-चढ़ाव पाया जाता है। आप अगर जल्दबाजी को त्याग दें तो आप जीवन में बहुत सफल होते हैं। 


 
शुभ दिनांक : 2, 11, 20, 29   
 
शुभ अंक : 2, 11, 20, 29, 56, 65, 92  

  
शुभ वर्ष : 2027, 2029, 2036
 
ईष्टदेव : भगवान शिव, बटुक भैरव
 
शुभ रंग : सफेद, हल्का नीला, सिल्वर ग्रे 
 
कैसा रहेगा यह वर्ष
लेखन से संबंधित मामलों में सावधानी रखना होगी। बगैर देखे किसी कागजात पर हस्ताक्षर ना करें। किसी नवीन कार्य योजनाओं की शुरुआत करने से पहले बड़ों की सलाह लें। व्यापार-व्यवसाय की स्थिति ठीक-ठीक रहेगी।

स्वास्थ्य की दृष्टि से संभल कर चलने का वक्त होगा। पारिवारिक विवाद आपसी मेलजोल से ही सुलझाएं। दखलअंदाजी ठीक नहीं रहेगी

19 Jul 2020

Krishna_Speaks Shrimadbhagavat Gita shlok explanation


*|| जय श्री कृष्ण ||*🌷🙏*

*॥ श्रीमद्‍भगवद्‍गीता ॥ 14.15॥*

_रजसि प्रलयं गत्वा कर्मसङ्‍गिषु जायते ।_
_तथा प्रलीनस्तमसि मूढयोनिषु जायते॥_

*भावार्थ :* 
जब कोई मनुष्य रजोगुण की बृद्धि होने पर मृत्यु को प्राप्त होता है तब वह सकाम कर्म करने वाले मनुष्यों में जन्म लेता है और उसी प्रकार तमोगुण की बृद्धि होने पर मृत्यु को प्राप्त मनुष्य पशु-पक्षियों आदि निम्न योनियों में जन्म लेता है। (१५)

*Meaning*:
One who has reached his end in rajas is born among those attached to action, and one who is dying in tamas is born in the wombs of the ignorant.

*Explanation*:
Previously, Shri Krishna explained the fate of one whose mental state is sattvic at the end of his life. Here, he says that one whose mental state is rajasic while dying is reborn in a family of action oriented individuals. Also, one whose mental state is tamasic while dying is reborn in the wombs of the ignorant and the inert. This includes plants, trees, creepers, birds, insects and other animals.
 
It is not just the mental state that determines one’s fate in the next life. Every action we perform leaves impressions in our mind, which also impacts our fate. One who has performed selfless actions throughout their life is born in a virtuous family. One who has performed selfish actions is born with a tendency to get attached to material objects. And one who has performed harmful actions is born with devilish tendencies. Such a person will not stop at anything to get their way, including physically harming others. In their current life and in their next life, it is totally up to each individual to cultivate their discrimination through selfless service, devotion and company of devotees so that they can counteract the effect of excessive rajas.
 
The Srimad Bhagavatam tells the story of the illustrious king Bharata who was one of the most sattvic individuals of his time. Through extreme attachment to his pet deer, he became steeped in tamas, and was born as a deer in his next life. But due to the selfless actions performed in his life as a king, he developed a degree of renunciation not even found in humans. He was finally born as a highly sattvic human who ultimately achieved liberation. Shri Krishna repeatedly urges us to employ rajas to perform selfless service, and cultivate sattva through reducing selfish activities.

*Continuously Chant The mantra you have faith in ||*🌹
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Aaj Ka Panchang 19-07-2020

👏👏🛐🕉️❤️💚❤️
*हर हर महादेव*
*Har Har Mahadev*
*ॐ 🙏Pranaam🙏Divya Prabhat 😇Wish you 🌷happy🤣, loving, aware, meditative and 🙌enlightened day.*
🔺💐🙏🔱🙏💐🔺
*Stay at Home and make it a sweet Home*
*Keep chanting Namah Shivay and Har Har Mahadev*
*Let's pray for each other👏*
*आपका दिन 💐शुभ हो*
*Wishing you a wonderful Day🌷*

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🌞 ~ *आज का हिन्दू पंचांग* ~ 🌞
⛅ *दिनांक 19 जुलाई 2020*
⛅ *दिन - रविवार*
⛅ *विक्रम संवत - 2077 (गुजरात - 2076)*
⛅ *शक संवत - 1942*
⛅ *अयन - दक्षिणायन*
⛅ *ऋतु - वर्षा*
⛅ *मास - श्रावण (गुजरात एवं महाराष्ट्र अनुसार आषाढ़)*
⛅ *पक्ष - कृष्ण* 
⛅ *तिथि - चतुर्दशी रात्रि 12:09 तक तत्पश्चात अमावस्या*
⛅ *नक्षत्र - आर्द्रा रात्रि 09:40 तक तत्पश्चात पुनर्वसु*
⛅ *योग - व्याघात रात्रि 09:45 तक तत्पश्चात हर्षण*
⛅ *राहुकाल - शाम 05:31 से शाम 07:10 तक* 
⛅ *सूर्योदय - 06:08*
⛅ *सूर्यास्त - 19:21* 
⛅ *दिशाशूल - पश्चिम दिशा में*
⛅ *व्रत पर्व विवरण - 
 💥 *विशेष - चतुर्दशी, रविवार और अमावस्या के दिन ब्रह्मचर्य पालन करे तथा तिल का तेल खाना और लगाना निषिद्ध है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-38)*
💥 *रविवार के दिन मसूर की दाल, अदरक और लाल रंग का साग नहीं खाना चाहिए।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, श्रीकृष्ण खंडः 75.90)*
💥 *रविवार के दिन काँसे के पात्र में भोजन नहीं करना चाहिए।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, श्रीकृष्ण खंडः 75)*
💥 *स्कंद पुराण के अनुसार रविवार के दिन बिल्ववृक्ष का पूजन करना चाहिए। इससे ब्रह्महत्या आदि महापाप भी नष्ट हो जाते हैं।*
💥 *चतुर्मास के दिनों में ताँबे व काँसे के पात्रों का उपयोग न करके अन्य धातुओं के पात्रों का उपयोग करना चाहिए।(स्कन्द पुराण)*
💥 *चतुर्मास में पलाश के पत्तों की पत्तल पर भोजन करना पापनाशक है।*
               🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞

🌷 *सोमवती अमावस्याः दरिद्रता निवारण* 
👉🏻 *20 जुलाई 2020 सोमवार सूर्योदय से रात्रि 11:03 तक सोमवती अमावस्या है ।*
🙏🏻 *सोमवती अमावस्या के पर्व में स्नान-दान का बड़ा महत्त्व है।*
☺ *इस दिन भी मौन रहकर स्नान करने से हजार गौदान का फल होता है।*
🌳 *इस दिन पीपल और भगवान विष्णु का पूजन तथा उनकी 108 प्रदक्षिणा करने का विधान है। 108 में से 8 प्रदक्षिणा पीपल के वृक्ष को कच्चा सूत लपेटते हुए की जाती है। प्रदक्षिणा करते समय 108 फल पृथक रखे जाते हैं। बाद में वे भगवान का भजन करने वाले ब्राह्मणों या ब्राह्मणियों में वितरित कर दिये जाते हैं। ऐसा करने से संतान चिरंजीवी होती है।*
🌿 *इस दिन तुलसी की 108 परिक्रमा करने से दरिद्रता मिटती है।*
          🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞

🌷 *ग़रीबी - दरिद्रता मिटाने के लिए* 🌷
🙏🏻 *सोमवती अमावस्या के दिन 108 बार अगर तुलसी की परिक्रमा करते हो, ॐकार का थोड़ा जप करते हो, सूर्य नारायण को अर्घ्य देते हो; यह सब साथ में करो तो अच्छा है, नहीं तो खाली तुलसी को 108 बार प्रदक्षिणा करने से तुम्हारे घर से दरिद्रता भाग जाएगी |*
          🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞
विष्णु पुराण के अनुसार रविवार, एकादशी, द्वादशी, संक्रान्ति, सूर्य ग्रहण, चंद्र ग्रहण तथा संध्या काल में तुलसी के पत्ते नहीं तोड़ना चाहिए. ... शास्त्रों के अनुसार यदि कोई व्यक्ति बिना नहाए ही तुलसी के पत्तों को तोड़ता है तो पूजन में ऐसे पत्ते भगवान द्वारा स्वीकार नहीं किए जाते
घर मे कही भी वास्तु दोष लगे तो तुलसी जी को वहॉ रखने से असर खत्म हो जाता है।
🌷 *धन-धान्य व सुख-संम्पदा के लिए* 🌷
🔥 *हर अमावस्या को घर में एक छोटा सा आहुति प्रयोग करें।*
🍛 *सामग्री : १. काले तिल, २. जौं, ३. चावल, ४. गाय का घी, ५. चंदन पाउडर, ६. गूगल, ७. गुड़, ८. देशी कर्पूर, गौ चंदन या कण्डा।*
🔥 *विधि: गौ चंदन या कण्डे को किसी बर्तन में डालकर हवनकुंड बना लें, फिर उपरोक्त ८ वस्तुओं के मिश्रण से तैयार सामग्री से, घर के सभी सदस्य एकत्रित होकर नीचे दिये गये देवताओं की १-१ आहुति दें।*
🔥 *आहुति मंत्र* 🔥
🌷 *१. ॐ कुल देवताभ्यो नमः*
🌷 *२. ॐ ग्राम देवताभ्यो नमः*
🌷 *३. ॐ ग्रह देवताभ्यो नमः*
🌷 *४. ॐ लक्ष्मीपति देवताभ्यो नमः*
🌷 *५. ॐ विघ्नविनाशक देवताभ्यो नमः*

पंचक
8 जुलाई 
दोपहर 12.31 से 13 जुलाई प्रातः 11.15 बजे तक
4 अगस्त
 रात्रि 8.47 से 9 अगस्त सायं 7.05 बजे तक

एकादशी
बुधवार, 01 जुलाई देवशयनी एकादशी
गुरुवार, 16 जुलाई कामिका एकादशी
गुरुवार, 30 जुलाई श्रावण पुत्रदा एकादशी

प्रदोष
गुरुवार, 02 जुलै प्रदोष व्रत (शुक्ल)
शनिवार, 18 जुलै शनि प्रदोष व्रत (कृष्ण)

अमावस्या
20 जुलाई 2020 - सोमवार - श्रावण अमावस्या (हरियाली, सोमवती अमावस्या)

पूर्णिमा
आषाढ़ पूर्णिमा तिथि- 5 जुलाई- दिन रविवार

मेष - पॉजिटिव - किसी लाभदायक महत्वपूर्ण सूचना के मिलने से मन में प्रसन्नता रहेगी। इस समय भाग्य आप के पक्ष में है। धर्म-कर्म और अध्यात्म में विश्वास बनाकर रखें। इससे मन में शांति रहेगी तथा सकारात्मक ऊर्जा का संचार होगा। नेगेटिव - बाहरी व्यक्तियों पर अधिक विश्वास ना करें। आकारण ही किसी वजह से  मित्रों से बहस हो सकती हैं। अपने गुस्से पर काबू रखें। विद्यार्थियों का ध्यान पढ़ाई से भटक सकता है। दोस्तों के साथ घूमने-फिरने में समय व्यर्थ ना करें। व्यवसाय - व्यवसायिक गतिविधियां अभी धीमी ही रहेंगी। आज का दिन पेमेंट आदि करने में व्यतीत होगा तथा आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी। नौकरीपेशा व्यक्तियों को बदलाव संबंधी कोई सूचना प्राप्त हो सकती है। लव - पति-पत्नी का एक-दूसरे को सहयोग सुख-शांति बनाकर रखेगा। परंतु  संतान की कोई परेशानी आपको व्यथित कर सकती हैं। स्वास्थ्य - स्वास्थ्य ठीक रहेगा। परंतु बदलते वातावरण की वजह से लापरवाही ना करें। दिनचर्या व्यवस्थित रखें। भाग्यशाली रंग: लाल, भाग्यशाली अंक: 7

वृष - पॉजिटिव - आज आराम तथा परिवार के साथ दिन व्यतीत करने के मूड में रहेंगे।  अगर कोई निवेश संबंधी योजना बन रही है तो तुरंत उस पर काम करें। आर्थिक दृष्टि से परिस्थितियां अनुकूल है। घर के बदलाव संबंधी कोई कार्य भी संभव हो सकता है। नेगेटिव - आलस की वजह से कुछ कार्यों में रुकावट आ सकती है। तथा पैतृक संपत्ति से संबंधित किसी बात पर भाइयों से वाद-विवाद होने की संभावना है। परंतु आप अपने उचित व्यवहार द्वारा परिस्थितियां संभाल लेंगे। व्यवसाय - किसी नए काम से संबंधित पहली पेमेंट आने की संभावना है। जिससे मन में खुशी रहेगी। नौकरी पेशा व्यक्तियों को ट्रांसफर से संबंधित कोई सूचना मिलेगी जो आपके लिए भाग्यवर्धक सिद्ध होगी। लव - विवाहेत्तर प्रेम संबंध स्थापित होने की आशंका लग रही है परंतु इससे आपके विवाहित जीवन में कलह उत्पन्न हो सकती है। इस बात का ध्यान रखें। स्वास्थ्य - कब्ज व बवासीर जैसी स्थिति चल रही है उसे हल्के में ना लें। अपना उचित इलाज लेना आवश्यक है। भाग्यशाली रंग: सफेद, भाग्यशाली अंक: 1

मिथुन - पॉजिटिव - आज का दिन हास-परिहास व मनोरंजन संबंधी कार्यों में व्यतीत होने से स्वयं को हल्का-फुल्का व ऊर्जा से भरपूर महसूस करेंगे। साथ ही सुख-सुविधाओं संबंधी वस्तुओं पर पैसा भी खर्च करने का प्रोग्राम बनेगा। नेगेटिव - परंतु आज किसी भी प्रकार की महत्वपूर्ण योजना बनाने से परहेज करें। क्योंकि आज आपकी काम के प्रति एकाग्रता ना होने की वजह से अपने कार्य के प्रति ध्यान नहीं दे पाएंगे। और मन में चंचलता बनी रहेगी। व्यवसाय - कार्यक्षेत्र में समय ना देने के बावजूद कार्य सुचारू रूप से चलते रहेंगे। इस समय ग्रह स्थितियां उत्तम है। परंतु फिर भी लापरवाही करना उचित नहीं है। इस समय कुछ परिवर्तन के योग भी बन रहे हैं। लव - जीवन साथी के स्वास्थ्य को लेकर चिंता उत्पन्न हो सकती है परंतु आपका सहयोग और देखभाल उन्हें संबल प्रदान करेगा स्वास्थ्य - घुटनों व जोड़ों के दर्द जैसी कोई पुरानी परेशानी उभर सकती हैं। वायु और बादी वाली चीजों का सेवन ना करें। भाग्यशाली रंग: हरा, भाग्यशाली अंक: 6

कर्क - पॉजिटिव - सूर्य का कर्क राशि में प्रवेश आपके व्यक्तित्व को प्रभावशाली बना रहा है। साथ ही आपके अंदर रिस्क लेने जैसी पावर भी उभर रही है। लाभ संबंधी स्थितियां भी बनेंगी। बच्चों को कोई उपलब्धि मिलने से घर में प्रसन्नता का वातावरण रहेगा। नेगेटिव - परंतु सूर्य का राशि में होना आपको इगो जैसी नेचर भी दे सकता है। अपने इस स्वभाव को सकारात्मक रूप में इस्तेमाल करें तो ही अच्छा रहेगा। वरना इसी वजह से तनाव जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है। व्यवसाय - किसी प्रभावशाली व्यक्ति की वजह से कार्य क्षेत्र में कोई बड़ा ऑर्डर मिलने की संभावना है। आप अपने मार्केटिंग संबंधी सूत्रों को और अधिक मजबूत बनाएं। किसी नए काम को शुरू होने की भी संभावना बन रही है। लव - प्रेम संबंधों में और अधिक मजबूती आएगी। जीवन साथी के साथ कोई नोक-झोंक हो सकती है। परंतु आप समझदारी के साथ परिस्थितियों को संभाल भी लेंगे। स्वास्थ्य - पारिवारिक वरिष्ठ व्यक्ति के स्वास्थ्य को लेकर कुछ चिंता रहेगी। अस्पताल  भी जाना पड़ सकता है। साथ ही आप भरपूर नींद न लेने की वजह से थकान महसूस करेंगे। भाग्यशाली रंग: बादामी, भाग्यशाली अंक: 2

सिंह - पॉजिटिव - समाज सेवा संबंधी कार्यों में आपका योगदान और निष्ठा की वजह से समाज में मान-सम्मान व यश में वृद्धि होगी। साथ ही आपके पर्सनल काम भी सुचारू रूप से चलते रहेंगे। नेगेटिव - दूसरों की बातों में आकर वाद-विवाद और झगड़े जैसी स्थिति भी उत्पन्न हो सकती है। जिसकी वजह से कोर्ट-कचहरी के चक्कर भी लगने की संभावना है। इसलिए ज्यादा मेलजोल ना बढ़ाकर अपने काम से ही मतलब रखें। व्यवसाय - कार्यक्षेत्र में काम व्यवस्थित रूप से होते जाएंगे। इसलिए किसी भी प्रकार की चिंता ना करें। साथ ही आय के साधनों में भी वृद्धि होगी। परंतु रिस्क संबंधी किसी कार्य को करने से बचें। लव - पति-पत्नी के संबंधों में कुछ तनाव रहेगा। जिससे घर का वातावरण भी दूषित हो सकता है। परिस्थितियों को संभालने में आप समझदारी से काम ले। स्वास्थ्य - पति-पत्नी दोनों के ही स्वास्थ्य में कुछ गिरावट रहेगी। इसे नजरअंदाज ना करें और तुरंत ही इलाज लेने की जरूरत है। भाग्यशाली रंग: ऑरेंज, भाग्यशाली अंक: 5

कन्या - पॉजिटिव - आपका अपने काम के प्रति पूर्ण समर्पण आपके कई कामों को हल करने में सक्षम हो रहा है। अगर घर में सुधार संबंधी कोई योजना बन रही है तो उसे वास्तु के अनुरूप कराएंगे तो सकारात्मक परिणाम प्राप्त होंगे। नेगेटिव - आज मन में कुछ विचलित विचार उत्पन्न हो सकते हैं। विचारों में भी संकीर्णता आने से पारिवारिक लोगों को परेशानी हो सकती है इसके लिए अपने स्वभाव को संयमित रखना अति आवश्यक है। व्यवसाय - व्यवसायिक स्थल पर अपने कार्यो तथा योजनाओं को किसी से भी शेयर ना करें। क्योंकि दूसरों का हस्तक्षेप आपके काम में रुकावट डाल सकता है। साथ ही रिस्क संबंधी कार्यों से दूर ही रहें। लव - अपनी योजनाओं व कार्यों में जीवनसाथी की सलाह लें। आपको फायदेमंद साबित होंगी तथा परेशानियों को भी हल करने में सहायता मिलेगी। स्वास्थ्य - अपने खान-पान को संयमित रखें क्योंकि भारी खाने की वजह से लिवर में दिक्कत लग रही है। भाग्यशाली रंग: हरा, भाग्यशाली अंक: 8

तुला - पॉजिटिव - बड़े बुजुर्गों का आशीर्वाद व सहयोग आपके लिए भाग्योदय दायक साबित होगा। उनकी देखभाल और सेवा अवश्य करें। साथ ही घर में बच्चे अनुशासन में रहेंगे। जिससे आप अपने कार्यों में एकाग्रता से काम कर पाएंगे। नेगेटिव - अस्वस्थता की वजह से कुछ काम अधूरे रह सकते हैं। परंतु चिंता ना करें क्योंकि स्वास्थ्य का ठीक होना ज्यादा आवश्यक है। किसी प्रकार का भी तनाव अपने ऊपर हावी ना होने दें। व्यवसाय - किसी महत्वपूर्ण व्यक्ति के सहयोग से आपके कार्य बनते जाएंगे। परंतु अभी आर्थिक स्थिति ज्यादा सुधरने वाली नहीं है। पैसे के लेनदेन संबंधी कार्यों को भी स्थगित ही रखें। लव - विवाहेत्तर संबंध आपके पारिवारिक जीवन को ग्रहण लगा सकते हैं। इसलिए इनसे दूर रहें और अपने गृहस्थ जीवन पर ध्यान केंद्रित रखें। स्वास्थ्य - ब्लड प्रेशर तथा मधुमेह संबंधी परेशानियां हो सकती हैं। जिसकी वजह से कमजोरी महसूस होगी। अतःसावधानी रखना अति आवश्यक है। भाग्यशाली रंग: गुलाबी, भाग्यशाली अंक: 4

वृश्चिक - पॉजिटिव - घर में कोई धार्मिक कार्य संपन्न होगा। भावुकता की बजाए प्रैक्टिकल सोच रखना आपके लिए फायदेमंद साबित होगा। घर को बदलने जैसी कोई अगर आपकी योजना बन रही है तो आज उस पर कोई महत्वपूर्ण बातचीत हो सकती है। नेगेटिव - कभी-कभी आपका गुस्सा आपके बनते कामों को बिगाड़ देता है। बच्चों के लिए भी तकलीफ दायक स्थिति उत्पन्न हो जाती है। अपने व्यवहार पर नियंत्रण रखना अति आवश्यक है। अपनी इस ऊर्जा को सकारात्मक रूप से प्रयोग में लाएं। व्यवसाय - काफी समय से कार्य क्षेत्र में मंद पड़ी हुई गतिविधियों में गति आ रही है। चीजें व्यवस्थित होना शुरू हो जाएंगी। परंतु कोई भी कार्य करने से पहले उसकी रूपरेखा अवश्य बना ले। लव - साथी का आज आराम के मूड में रहना आपके काम को बढ़ा सकता है। परंतु आप सभी कार्यो को सुचारू रूप से क्रियान्वित करने में सक्षम हो पाएंगे। स्वास्थ्य - मन में कुछ उदासी और डिप्रेशन जैसी स्थिति महसूस हो सकती हैं। इन नकारात्मक बातों को हावी ना होने दें। मैडिटेशन पर अधिक ध्यान लगाएं। भाग्यशाली रंग: लाल, भाग्यशाली अंक: 9

धनु - पॉजिटिव - आजकल के नकारात्मक वातावरण से लोगों की रक्षा हेतु आप कुछ समाजसेवी संस्थाओं से जुड़े हैं जिसकी वजह से आपको मानसिक सुख तथा मान-सम्मान की प्राप्ति हो रही है। इस समय आपके विरोधी भी आपके व्यक्तित्व के सामने परास्त हो जाएंगे। नेगेटिव - परंतु कोई भी निर्णय लेने से पहले उस पर दोबारा सोच-विचार अवश्य करें। क्योंकि जरा सी गलती आपके लिए परेशानी का कारण बन सकती है। आर्थिक स्थिति अभी कुछ धीमी रहेगी। व्यवसाय - साझेदारी संबंधी कामों में फायदा रहेगा। सभी महत्वपूर्ण निर्णय अपने सहयोगी को लेने दे। इस समय उनका सहयोग और सलाह व्यवसाय में लाभदायक साबित होगी। नौकरीपेशा व्यक्तियों के तबादले को लेकर कुछ कार्यवाही शुरू हो सकती है। लव - पति-पत्नी के संबंधों में मधुरता रहेगी। तथा परिवार में चल रहे किसी वाद-विवाद को भी साथ बैठकर सुलझाने में सक्षम रहेंगे। स्वास्थ्य - स्वास्थ्य ठीक रहेगा। सिर्फ मनोबल में कुछ कमी महसूस करेंगे परंतु जल्दी ही आप इस स्थिति से उबर भी जाएंगे। भाग्यशाली रंग: पीला, भाग्यशाली अंक: 3

मकर - पॉजिटिव - किसी भी कार्य करने से पहले उसकी पूरी योजना व प्रारूप बनाना आपके कार्यों में गलती होने से बचाता है। मनोरंजन संबंधी कार्यों में समय व्यतीत होगा। साथ में किसी नए काम की पहली कमाई भी आने की संभावना है। नेगेटिव - भाइयों तथा मामा पक्ष के साथ संबंध खराब होने की स्थितियां बन रही है। इसलिए थोड़ा ध्यान रखें। आपका कुछ समय घर के बाहर व्यतीत होगा परंतु  उसका कोई भी लाभदायक नतीजा सामने नहीं आएगा। व्यवसाय - व्यवसायिक गतिविधियां पूर्ववत ही सुचारू रूप से चलती रहेंगी। आपको कोई काम संबंधी अथॉरिटी भी प्राप्त हो सकती हैं। जिस पर मन लगाकर काम करने से और भी नए अनुबंध मिलने की संभावना है। लव - प्रेम संबंधों में रोमांटिक माहौल रहेगा। परंतु पति-पत्नी के संबंधों में कोई  इगो जैसी दरार आ सकती है। जो कि दांपत्य जीवन के लिए उचित नहीं है। स्वास्थ्य - आपको आगाह किया गया है कि खांसी, जुखाम और इन्फेक्शन जैसी परेशानियों से अपना बचाव करें। भाग्यशाली रंग: आसमानी, भाग्यशाली अंक: 1

कुम्भ - पॉजिटिव - आज आप भावनात्मक रूप से मजबूत रहेंगे। तथा घर परिवार और व्यवसाय में उचित सामंजस्य बनाकर रखेंगे जिससे पारिवारिक सदस्य अपने आपको बहुत अधिक सुरक्षित महसूस करेंगे। नेगेटिव - परंतु आपकी जिद और किसी बात पर अड़ जाने का स्वभाव आपके लिए ही कुछ परेशानियां उत्पन्न कर सकता है। इसलिए अपने स्वभाव में लचीलापन बना कर रखने की अति आवश्यकता है। व्यवसाय - अगर आपने कोई नया काम शुरू किया है तो उसमें आज कुछ रुकावट आने की संभावना है। इसलिए बहुत एकाग्रता के साथ उस काम के प्रति निर्णय लें और कार्य करें। पारिवारिक व्यक्तियों की सलाह भी आपको उचित रास्ता दिखा सकती है। लव - पति-पत्नी में कुछ नोकझोंक जैसी स्थिति रहेगी। परंतु कोई गंभीर स्थिति उत्पन्न होने जैसे बात नहीं होगी। धीरे-धीरे सब सामान्य हो जाएगा। स्वास्थ्य - गर्मी की वजह से पेट में जलन और एसिड बन सकता है। ज्यादा गुस्सा करने और तनाव लेने से परहेज करें। भाग्यशाली रंग: नीला, भाग्यशाली अंक: 4

मीन - पॉजिटिव - आज आप अपना अधिकतर समय बागवानी करने तथा प्रकृति के निकट व्यतीत करेंगे। इससे आपको नई ऊर्जा की अनुभूति होगी। साथ ही कलात्मक व रचनात्मक संबंधी कार्यों में भी आप का रुझान बना रहेगा। नेगेटिव - किसी संतान की वजह से तनाव रह सकता है। जिसका प्रभाव परिवार पर भी पड़ेगा। और स्वभाव में भी चिड़चिड़ापन जैसी स्थिति महसूस होगी। किसी मित्र के साथ विचार विमर्श करने से आपकी समस्याओं का हल निकल सकता है व्यवसाय - आज कोई नया काम ना शुरू करें। वर्तमान कार्य में ही अपना ध्यान केंद्रित रखें। क्योंकि अन्य काम के प्रति आप अपना ध्यान केंद्रित नहीं कर पाएंगे जिसकी वजह से नुकसान होने की संभावना लग रही है। लव - जीवनसाथी का घर के माहौल को ठीक करने में बहुत अधिक सहयोग रहेगा। इससे आप को राहत मिलेगी। आपसी संबंधों में भी नजदीकियां आएंगी। स्वास्थ्य - स्वास्थ्य ठीक रहेगा। किसी वजह से पेट में गैस, एसिड बनने जैसी दिक्कत महसूस करेंगे। मैडिटेशन करें और हल्का खानपान रखें। भाग्यशाली रंग: केसरिया, भाग्यशाली अंक: 9

जिनका आज जन्मदिन है उनको हार्दिक शुभकामनाएं

दिनांक 19 को जन्मे व्यक्ति का मूलांक 1 होगा। आप राजसी प्रवृत्ति के व्यक्ति हैं। आपको अपने ऊपर किसी का शासन पसंद नहीं है। आप साहसी और जिज्ञासु हैं। आपका मूलांक सूर्य ग्रह के द्वारा संचालित होता है। आप अत्यंत महत्वाकांक्षी हैं। आपकी मानसिक शक्ति प्रबल है। आपको समझ पाना बेहद मुश्किल है। आप आशावादी होने के कारण हर स्थिति का सामना करने में सक्षम होते हैं। आप सौन्दर्यप्रेमी हैं। आपमें सबसे ज्यादा प्रभावित करने वाला आपका आत्मविश्वास है। इसकी वजह से आप सहज ही महफिलों में छा जाते हैं।  
 
शुभ दिनांक : 1, 10, 19, 28  
 
शुभ अंक : 1, 10, 19, 28, 37, 46, 55, 64, 73, 82 


  
शुभ वर्ष : 2026, 2044, 2053, 2062  
 
ईष्टदेव : सूर्य उपासना तथा मां गायत्री  

 
शुभ रंग : लाल, केसरिया, क्रीम, 
 
कैसा रहेगा यह वर्ष
यह वर्ष आपके लिए अत्यंत सुखद रहेगा। अधूरे कार्यों में सफलता मिलेगी। स्वास्थ्य की दृष्टि से यह वर्ष उत्तम रहेगा। पारिवारिक मामलों में महत्वपूर्ण कार्य होंगे। अविवाहितों के लिए सुखद स्थिति बन रही है।

विवाह के योग बनेंगे। नौकरीपेशा के लिए समय उत्तम हैं। पदोन्नति के योग हैं। बेरोजगारों के लिए भी खुशखबर है इस वर्ष आपकी मनोकामना पूरी होगी

Remove ignorance through knowledge





|| जय श्री कृष्ण ||
॥ श्रीमद्‍भगवद्‍गीता ॥ 14.2॥

इदं ज्ञानमुपाश्रित्य मम साधर्म्यमागताः ।
सर्गेऽपि नोपजायन्ते प्रलये न व्यथन्ति च ॥

भावार्थ : 
इस ज्ञान में स्थिर होकर वह मनुष्य मेरे जैसे स्वभाव को ही प्राप्त होता है, वह जीव न तो सृष्टि के प्रारम्भ में फिर से उत्पन्न ही होता हैं और न ही प्रलय के समय कभी व्याकुल होता हैं। (२)

Meaning:
Those who have taken refuge in this knowledge, and have attained identity with me, are not born even during creation, and not afflicted during dissolution.

Explanation:
Actors who work in the daily soap opera world lead interested lives. If an actor is selected to play a part in a well-established and long running soap, they are overjoyed since their career has just skyrocketed. But once the actor is selected, they are afraid when they read each day’s script, since their role can be killed off at any time by the director. The director and actor have two different visions. The director is concerned with moving the story forward, whereas the actor is concerned with preserving his role.
 
Now, if we identify with the various roles or the various parts that we play each day, we will face a fate similar to that of the actor. We experience birth and death every day, every minute, throughout our lives. When we get a new job, for instance, a new "senior manager of marketing" is born. When we lose that job, that senior manager "dies". If a marriage happens in the family, several new "in-laws" are born. If something goes wrong in that marriage, all those in-laws "die". If something makes us angry, an angry man is born, and will die in a short while once the anger dissipates. Birth and death are part and parcel of Prakriti's functioning.
 
Shri Krishna urges us to identify with Ishvara so that we are not disturbed or agitated when any kind of birth or death, even that of our own body, occurs. If the actor has the same vision as the director, he will take the end of his role in good stead and go on to do a wonderful job in his next assignment. If we have removed our ignorance through knowledge, if we have realized our true nature as identical to that of Ishvara, we will see things from Ishvara’s perspective and stop identifying with the ups and downs experienced by our body.
 
How exactly does this creation, this birth take place? Shri Krishna explains next.

Continuously Chant The mantra you have faith in 

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Importance of knowledge

The knowledge of the self is that knowledge
 that reveals what the subject is, what the “I” is.


|| जय श्री कृष्ण ||
॥ श्रीमद्‍भगवद्‍गीता ॥ 14.1॥

श्रीभगवानुवाच
परं भूयः प्रवक्ष्यामि ज्ञानानं मानमुत्तमम्‌ ।
यज्ज्ञात्वा मुनयः सर्वे परां सिद्धिमितो गताः ॥

भावार्थ : 
श्री भगवान ने कहा - हे अर्जुन! समस्त ज्ञानों में भी सर्वश्रेष्ठ इस परम-ज्ञान को मैं तेरे लिये फिर से कहता हूँ, जिसे जानकर सभी संत-मुनियों ने इस संसार से मुक्त होकर परम-सिद्धि को प्राप्त किया हैं। (१)

Meaning:
Shree Bhagavaan said:
I shall again speak of that highest knowledge which is superior to any other knowledge. Having known this, all the sages, (liberated) from here, have attained the highest accomplishment.

Explanation:
Shri Krishna described the fundamental ignorance of our true nature in the previous chapter. The supreme self, which is our true nature, mistakenly identifies itself with one body within Prakriti or Maaya and becomes the Purusha. It further gets trapped in Prakriti when it gets enchanted by play of the three gunaas of Prakriti. Shri Krishna uses this chapter to explain the nature of these three gunaas, their characteristics, their effects and their remedy in detail.
 
This shloka is in the form of "anubandha chatushtaya", the four-fold curriculum covered in a text. It systematically lists the subject matter of the chapter, the student who is qualified to study this chapter, the goal of this chapter and the relationship of the subject to the goal. The subject matter is brahmavidyaa or the knowledge of brahman. One who is a muni, one who has a contemplative mind, is fit to study this chapter. The highest accomplishment one can aspire to - liberation from sorrow - is the goal of this chapter. When we know brahman as our our own self, the goal is attained. This is the prayojanam, the relationship of the subject matter to the goal of this chapter.
 
Before the topic is begun, however, we notice that Shri Krishna repeats the statement that he has made in earlier chapters about the glory of this knowledge. He does so because knowledge for us usually means academic, professional or any other type of worldly knowledge. It is always knowledge about some person, object, substance, concept, technique, something that can be accessed with the senses and mind. However, the knowledge of the self is that knowledge that reveals what the subject is, what the “I” is. In order to remove this hard conditioning, this deep programming within us, Shri Krishna has to repeat the importance of this knowledge.

Continuously Chant The mantra you have faith in

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5 Jul 2020

Vitamin-D helps you develop IMMUNITY

Vitamin-D helps you develop IMMUNITY




विटामिन डी का शरीर को 
सेहतमंद रखने में है 
बड़ा महत्व



विटामिन डी का शरीर को सेहतमंद रखने में बड़ा महत्व है। विटामिन डी , पनीर,   में पाया जाता है। इसी के साथ विटामिन डी का सबसे बड़ा और मुख्य स्त्रोत सूरज है। रोजाना कुछ समय के लिए धूप में बैठने से भी आपके शरीर को विटामिन डी मिलता है। यह हड्डियों को मजबूत रखने के साथ-साथ इम्युनिटी सिस्टम को भी मजबूत बनाए रखता है।

अब जब पूरी दुनिया में कोरोना वायरस की वजह से हाहाकार मचा हुआ है, तब अपनी इम्युनिटी को स्ट्रांग रखना पहले से कहीं ज्यादा जरूरी हो गया है। कोरोना के मरीजों को भी विटामिन डी की गोलियां लेने की सलाह दी जाती है। अभी तक आईं कई स्टडीज में यह कहा गया है कि विटामिन डी की कमी होने पर कोरोना लगने का खतरा बढ़ जाता है।

आपको बता दें कि विटामिन डी वायरस को रोकने के साथ-साथ शरीर में मौजूद सेल्स की लड़ने की क्षमता को बढ़ाता है।

विटामिन डी की कमी से होते हैं ये नुकसान

भारतीयों में भी बड़ी संख्या में विटमिन डी की कमी पाई गई है। इससे हड्डियां कमजोर होने के साथ-साथ फ्रेक्चर होने का खतरा भी रहता है। इससे शरीर की रोगों से लड़ने की क्षमता कमजोर रहती है, कैंसर का खतरा अधिक रहता है और हाइपरटेंशन, डायबिटीज जैसे रोगों का खतरा भी बना रहता है।

घर पर ही कैसे शरीर में विटामिन डी की कमी को करें पूरा

– सही डाइट और धूप यानी सूरज में रहने से इसकी कमी को पूरा किया जा सकता है। कहा जाता है कि शरीर को रोजाना 600 UI विटामिन डी की जरूरत होती है। अगर आप बाहर नहीं जा सकते तो इस तरह घर बैठे विटामिन डी की कमी को खत्म करें।

– रोजाना धूप में अपने हाथ, पैरों और चेहरे को 30 मिनट के लिए सूरज की रोशनी दिखाएं। आप ऐसा सुबह 10 से दिन में 3 बजे के बीच में करें। आप अपनी बालकनी या छत पर बैठ कर ऐसा कर सकते हैं।

– वेगन लोगों को इसकी कमी होने की आशंका अधिक है। अगर आप वेगन हैं तो सोया दूध, बादाम दूध आदि का विकल्प अपना सकते हैं।

– ध्यान रहे कि विटामिन डी को जरूरत से अधिक भी न ले लें। इससे किडनी डैमेज होने का खतरा रहता है।

विटामिन डी एक ऐसा पोषक तत्व है जो कैल्शियम अवशोषण में मदद करने के साथ -साथ हड्डियों का भी ख्याल रखता है। इसी के साथ विटामिन डी इम्युनिटी मजबूत करता है और मसल्स भी स्ट्रांग बनाता है। विटामिन डी हमें दो स्त्रोत से मिलता है- पहला सूर्य और दूसरा हमारी डायट। 

यह कुछ मशरूम में भी मिलता है।

विटामिन डी हमें फुल क्रीम मिल्क, मक्खन, घी से भी प्राप्त होता है। इसी के साथ सुबह 9 से 2 बजे के बीच में कुछ समय धूप में खड़े होना चाहिए ताकि शरीर को जरूरी विटामिन डी मिल सके।

4 Jul 2020

Best Sleeping Position, Avoid Pillows

Best Sleeping Position, Avoid Pillows



बिना तकिया लगाए सोना सेहत के लिए है फायदेमंद, जानिए लाभ 

1 यदि आप अक्सर पीठ, कमर या आसपास की मांसपेशि‍यों में दर्द महसूस करते हैं, तो बगैर तकिये के सोना शुरू कीजिए। दरअसल यह समस्या रीढ़ की हड्डी के कारण होती है, जिसका प्रमुख कारण आपका सोने का तरीका है। बगैर तकिये के सोने पर रीढ़ की हड्डी बिल्कुल सीधी रहेगी और आपकी यह समस्या कम हो जाएगी।

2 सामान्य तौर पर गर्दन और गंधों के अलावा पिछले हिस्से में दर्द आपके तकिये के कारण होता है। बगैर तकिये के सोने पर इन अंगों में रक्त संचार बेहतर होगा और आप दर्द से निजात पा सकेंगे।

3 कई बार गलत तकिये का इस्तेमाल आपको मानसिक समस्या भी दे सकता है। यदि तकिया कड़क है तो यह आपके मस्तिष्क पर बेवजह दबाव बना सकता है जिससे मानसिक विकार की संभावना बढ़ जाती है।

4 विशेषज्ञों का मानना है कि बगैर तकिये के सोना आपको निर्बाध रूप से अच्छी नींद लेने में मदद करता है, और आप बेहतर गुणवत्ता के साथ आरामदायक नींद ले पाते हैं, जिसका असर आपके मूड और स्वास्थ्य पर पड़ता है।

5 यदि आप नींद में अपना चेहरे तकिये की तरफ मोड़कर या तकिये में मुंह डालकर सोते हैं तो यह आदत आपके चेहरे पर झुर्रियां पैदा कर सकती है। इसके अलावा यह तरीका आपके चेहरे पर घंटों तक दबाव बनाए रखता है जिससे रक्त संचार प्रभावित होता है, और चेहरे की समस्याएं उभरती हैं। 

27 Jan 2020

Sabar Rogmukti Sadhna for Wellness

शाबर रोगमुक्ती साधना
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मित्रों जो मैं मंत्र दे रहा हूं यह मंत्र फेसबुक पर अशुद्ध रूप में उपलब्ध है परंतु यहां पर यह पूर्ण रूप से शुद्ध मंत्र है।

इन शाबर मंत्रो से समस्त प्रकार की रोग-पीड़ा हमेशा के लिये दुर हो जाती है। यहा तक की इस मंत्र से कैन्सर, टी.बी. , जोडो का दर्द,वात-पित्त,शुगर जैसे गंभीर रोग भी ठीक हो जाते है और बाकी छोटी-छोटी बीमारिया स्वयं जल्दी ठीक होती है।

मंत्र:-

ll ओम नमो केतकी ज्वालामुखी काली,दो वर-रोग पीडा दूर कर,सात समुद्र पार कर,आदेश कामरू देश कामाख्या माई,हाडी दासी चंडी की दुहाई ll

विधि-विधान:-
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यह अत्यंत शक्तिशाली लेकिन बहुत सरल शाबर मंत्र है ।
सर्वप्रथम किसी लकडे के बाजोट पर लाल वस्त्र स्थापित करे और उस पर महाकाली जी का चित्र रखीये। गुरू जी गणेश जी का पुजन करे।  माँ का सामान्य पुजन करे। कृपया ध्यान दें जिनके गुरु नहीं है या जिन्होंने गुरु धारण नहीं की है वह गणेश जी की पूजा के पश्चात एक माला ओम नमः शिवाय की जरूर करें। उसके बाद अगर हो सके तो 11 बार गायत्री मंत्र जरूर पढ़ें।

यह साधना मंगलवार, शुक्रवार, अमावस्या की रात, किसी भी शुभ दिन जैसे होली दीपावली रामनवमी हनुमान जयंती भैरव जयंती से या किसी भी नवरात्री से प्रारंभ करे। यह साधना 11 दिन की है जिसमे 10 दिन 10 माला जाप पंचमुखी रुद्राक्ष माला से करना है और 11 वे दिन इस मंत्र से हवन करना है घी की 108 आहुती हवन मे देनी  है।
आसन-वस्त्र लाल रंग के हो और उत्तर ,पूर्व या उत्तर पूर्व दिशा साधना हेतु उत्तम है। रुद्राक्ष की पंचमुखी माला जप के लिए इस्तेमाल करनी है। माथे पर रोली का टीका हाथ में कलावा अवश्य बांधे।

मन्त्र सिद्धि का तरीका
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निचे लिखा मन्त्र पढ़कर चारो ओर रेखा खिचनेसे कोई क्षुद्र देव देवता उपद्रव नही कर सकते।

ॐ ईईकली पुरूसिद्धेश्वरी अवतर अवतर स्वाहा। ॐ दशाअंगुली भिन्द्ली वीरूडूहारी भैरण्ड भैरवी विद्याराणी रोंलाबंध, मुष्टिबंध,  बाणबंध, कृत्यबंध , रुद्र्बंध, नेखबंध , प्रेतबंध,  भुतबंध, यक्षबंध, कंकालबंध, वेतालबंध, आकाशबंध , पूर्व उत्तर दक्षिण पच्छिम सर्व दिशा बंध । ये और आछी कह हस हस अवतर अवतर अवतर दशाविप्राराणी दशागुली शतास्त्र बंधीनि बन्दासि हू फट्  स्वाहा ।

अब मन्त्र पढ़कर चारो चारो ओर आसन के रेखा खिचे।।
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1👉 मंत्र प्रयोग विधि

सर्वप्रथम आसन बन्धन जरुरी है
आचमन और पवित्रीकरण करके अपने इष्ट मन्त्र से प्राणायाम करे।

ॐ गणेशाय नमः   का 21 बार जप (सुरक्षा, पुजा शुभ एवं समपुर्ण होने की कामना करें।)

ॐ नम: शिवाय:    का 21 बार जप (सुरक्षा, पुजा शुभ एवं समपुर्ण होने की कामना करें।)

शिव गायत्री मंत्र :
"ॐ तत्पुरुषाय विद्‍महे, महादेवाय धीमहि तन्नोरुद्र: प्रचोदयात्।" (11 बार जप )

ॐ हं हनुमतः नमः  11 बार जाप करें।

ॐ भुजंगेशाय विद्महे, सर्पराजाय धीमहि, तन्नो नाग: प्रचोदयात्।।  (11 बार जप )
 
निम्न मंत्र का एक बार जप ----
'सर्वे नागा: प्रीयन्तां मे ये केचित् पृथ्वीतले।
ये च हेलिमरीचिस्था येन्तरे दिवि संस्थिता:।। 
ये नदीषु महानागा ये सरस्वतिगामिन:। 
ये च वापीतडागेषु तेषु सर्वेषु वै नम:।।' 
 
अर्थात् - संपूर्ण आकाश, पृथ्वी, स्वर्ग, सरोवर-तालाबों, नल-कूप, सूर्य किरणें आदि जहां-जहां भी नाग देवता विराजमान है। वे सभी हमारे दुखों को दूर करके हमें सुख-शांतिपूर्वक जीवन दें। उन सभी को हमारी ओर से बारम्बार प्रणाम हो...।  

“वज्र-क्रोधाय महा-दन्ताय दश - दिशो बन्ध बन्ध, हूं फट् स्वाहा ” 11 बार जप (सुरक्षा, पुजा शुभ एवं समपुर्ण होने की कामना करें।)

2👉 गुरू स्थापना प्रयोग – सबसे पहले चारमुख का दिया जलाकर निम्न मंत्र द्वारा गुरू का आह्वान करना चाहिए।
मंत्र –
।।गुरू दिन गुरू बाती, 
गुरू सहे सारी राती,
वास्तीक दियना, 
बार के गुरू के उतारां आरती।।

इस मंत्र का सात बार जाप करें।

3👉 फिर निम्न मंत्र द्वारा गुरू का ध्यान करना चाहिए।  ध्यान मंत्र अपने शरीर को रक्षा :-
ध्यान मंत्र:- 

।।गुरू सठ-गुरू सठ गुरू है विर,
गुरू साहब सुमिरों बड़ी भाँत,
सिगीं टोरों बनकहों मननाऊँ करतार,
सकल गुरू की हरभजे धट्टा पकर, उठ जाग,
चेत सम्भार श्री परहंस मेरे गुरू की कृपा अपार।।

इस मंत्र को 21 बार उच्चारण करना चाहिए।

4👉 फिर अपने शरीर को रक्षा मंत्रों द्वारा सुरक्षित कर लेना चाहिए।

भाग 1
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सुरक्षा मंत्र 1 – "उत्तर बांधों, दक्षिण बांधों, बांधों मरी मसानी, नजर - गुजर देह बांधों रामदुहाई फेरों शब्द शाचा, पिंड काचा फुरो मंत्र ईश्वरों बाचा।"

इस मंत्र को सात बार पढ़कर हथेली में फूक मारकर सारे शरीर में फिरा लें ऐसा करने से साधक का शरीर बंध जाता है और साधक सुरक्षित हो जाता है।

भाग 2
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शरीर रक्षा मंत्र 2 – "नमों आदि आदेश गुरू के जय हनुमान वीर महान करथों तोला प्रनाम,
भूत-प्रेत मरी-मशान भाग जाय तोर सुन के नाम, मोर शरीर के रक्षा करिबे नही तो सिता मैया के सैया पर पग ला धरबे, मोर फूके मोर गुरू के फुके गुरू कौन गौर महादेव के फूके जा रे शरीर बँधा जा।"

विधि – मंत्र को ग्यारह बार पढ़कर अपने चारों ओर एक घेरा बना ले इससे साधना में सभी विघ्नों से साधक की रक्षा होती है। इसके बाद किसी भी साधना का प्रयोग करने के लिए तैयार हो जाता है। फिर जो भी साधना या प्रयोग कर सकता है।

अब अपनी साधना प्रारंभ करें
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1 मंत्र:-👉 इस मंत्र में तीन देवियों की शक्तियां काम करती हैं जो कि निम्न प्रकार हैं--
१) माँ काली 
२) माँ कामाख्या 
३) माँ चंडी

अतः तीनों माताओं का अलग-अलग पंचोपचार पूजन करना चाहिए और उनसे साधना की सफलता के लिए कामना करनी चाहिए।
यह मंत्र रोगों के विनाश के लिए सर्व शक्तिशाली मंत्र कहा जाता है इस रोग से असाध्य बीमारियां भी सही होती हैं परंतु असाध्य बीमारियां सही करने के लिए इस मंत्र का कम से कम 50000 जाप करना बहुत जरूरी है। बाकी किसी भी बीमारी को सही करने के लिए जितना मैंने जाप नीचे लिखा है 10 दिन की साधना के लिए उतना ही काफी है।

ll ओम नमो केतकी ज्वालामुखी काली, दो वर-रोग पीडा दूर कर, सात समुद्र पार कर, आदेश कामरू देश कामाख्या माई, हाडी दासी चंडी की दुहाई ll

2 मंत्र:-👉 ।।ओम नमो आदेश गुरु को , 
बाल रखेे बालकी , कपाल रखे जोगनी, मुख रखे कुंभकरण , पीठ रखे विभीषण, नख रखे नरसिंह, कलेजी रखे काली भवानी , कम्बर रखे कम्बर का देव, पिण्ड रखे गोरखनाथ , पड़ा प्राण सात रखे गुरु के पास,
गुरु की शक्ति मेरी भक्ति चलो मंत्र ईश्वर वाचा।।

3 मंत्र:-👉 ।। बाबा आज बालक कहां चले, सवा लाख पर्वत पै चले , सवा लाख पर्वत से का लाए, लोहा लक्कड़ का करो , माथे से मारो , ताप तिजारी, बेल जुरा, नहरूवा टहरूवा , आधासीसी , राँगन वाय , ताप-तिल्ली इसी वक्त से भसम कर, ना करें तो ,मार हूँकार , नीलकंठ बाबा अजय पाल की दूहाई।।  
(नोट इस मंत्र को अमावस और पूर्णिमा को कर सकते हैं इस मंत्र को सिद्ध करने के लिए हवन में 121 आहुति गांजे की देनी होती है फिर किसी भी चीज से झाड़ने पर मंत्र में कहे गए सभी रोग सही हो जाते हैं)

 4 मंत्र:-👉 खेरे पै की आमली, अगर-बगर की डार,  तर भैंसा न जानिए, पालै तेली कलार, नौ गगरा मद के पिए, नौ सौ बकरा खाय, सांझी बाबा को चीर फार, शिव बाबा की जटा बुखार, छत्तीस रोग हांक के ना आवे , तो राजा भीम ना कहावे।।
( नोट - इस मंत्र में 108 घी की आहुति दे कर यह मंत्र जागृत हो जाता है)

5 मंत्र:-👉 यह मंत्र मिर्गी दूर करने का है।

।। ओम हलाहल सरगत मडिया पुडिया,  श्रीरामजी फुँके मिरगी बाई,  सुखे सुख होई , ओम ठः ठः स्वाहा।।

6 मंत्रः-👉 ।। ईसा ईसा कांच कपूर , चोर की शीशी अलिफ़ अक्षर जाने न कोई, खूनी बादी न होई, दुहाई सुलेमान बादशाह की।।

शौच के समय जो जल इस्तेमाल किया जाता है उस जल पर 11 बार मंत्र पढ़कर 3 फुक लगानी है फिर उस जल को इस्तेमाल करना है 7 दिन के अंदर बवासीर सही हो जाती है। इस मंत्र की एक माला प्रतिदिन 11 दिन तक करनी है जिससे या मंत्र सिद्ध हो जाता है उसके बाद इस्तेमाल करें।

7 मंत्रः-👉 ।। आक अरंडी फूल मंगावे,पुनि ता पर सेंदूर लगावे, गूगल धूप दे अति चायन, मंत्र-राज यह करिके गायन, ओम श्रीम हरीम फट् स्वाहा।।

मंत्र को बोलते हुए 3 अगरबत्ती 7 बार घड़ी की दिशा मे रोगी के सिर से उतार कर उन 3 अगरबत्ती को रोगी के बांए साइड के कोने मे गाड़ दो। रोगी के सभी रोगों के दोश मिट जाऐंगे।

साबर मंत्र ग्रामीण भाषा में लिखे हुए होते हैं अतः शब्दों में मात्रा में कोई भी फेरबदल नहीं कीजिए जैसा लिखा है वैसा ही पढ़ना है अगर एक भी शब्द की हेरफेर होती है तो मंत्र काम नहीं करेगा।

ऊपर की सारी विधि करने के पश्चात आवश्यकतानुसार मंत्र - 1 से मंत्र - 7 तक कोई भी मंत्र कर सकते हैं। या सभी मंत्र कर सकते हैं।

मंत्र उपयोग करने का तरीका
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जब भी आपको मंत्र से लाभ उठाना हो तब आप किसी भी रोगी को ठिक करने हेतु "एक ग्लास शुद्ध जल" लेकर उसपर 11 बार मंत्र बोलकर जल पे तीन फुंक लगाये। किस तरह वह जल अभिमंत्रित हो जाएगा । फिर वह जल रोगी को पिलाये तो 1 घंटे में रोगी को आराम मिलना प्रारंभ हो जाता है और यह क्रिया कुछ दिन नित्य करने से 7-8 दिन के अंदर पूर्णता: स्वस्थ हो जाता है।
जब हम मंत्र सिद्धी करते है तब हमारे स्वयम के रोग भी समाप्त होते है।

इस मंत्र को आप भभुत पर पढकर भी रोगी को दे सकते है या मोर पंख, नीम की टहनी , अगरबत्ती या चाकू से मंत्र बोलकर झाड़ा कर सकते है। जहां-जहां दर्द होता है वहां पर अभिमंत्रित भभुत प्रतिदिन लगाने पर दर्द हमेशा के लिए समाप्त हो जाता है।

नोट👉 याद रहे इस विद्या से आप सामाजिक कल्याण करे और धनप्राप्ति हेतु करेगे तो आपकी सिद्धी समाप्त हो जायेगी।

         
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22 Dec 2019

Create Happiness with Photograph: Vastu tips

वास्तु दोष - घर में चित्र कैसे लगाए 

घरों में तस्वीर या चित्र लगाने से घर सुंदर दिखता है, 
परंतु बहुत कम ही लोग यह जानते हैं कि घर में लगाए गए 
चित्र का प्रभाव वहां रहने वाले लोगों के जीवन पर 
भी पड़ता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार घर में श्रृंगार, 
हास्य व शांत रस उत्पन्न करने वाली तस्वीरें ही लगाई 
जानी चाहिए। 
घर के अन्दर और बाहर सुन्दर चित्र , पेंटिंग , बेल- बूटे , 
नक्काशी लगाने से ना सिर्फ सुन्दरता बढती है , 
वास्तु दोष भी दूर होते है। 
1- फल-फूल व हंसते हुए बच्चों की तस्वीरें जीवन 
शक्ति का प्रतीक है। उन्हें पूर्वी व उत्तरी दीवारों 
पर लगाना शुभ होता है। इनसे जीवन में खुशहाली 
आती है। 
2- लक्ष्मी व कुबेर की तस्वीरें भी उत्तर दिशा में 
लगानी चाहिए। ऐसा करने से धन लाभ होने की 
संभावना अधिक होती है। 
3- यदि आप पर्वत आदि प्राकृतिक दृश्यों की तस्वीरें 
लगाना चाहते हैं तो दक्षिण या पश्चिम दिशा में 
लगाएं। 
4- नदियों-झरनों आदि की तस्वीरें उत्तरी व पूर्वी 
दिशा में लगाना शुभ होता है। 
5- 
युद्ध प्रसंग, रामायण या महाभारत के युद्ध के चित्र, 
क्रोध, वैराग्य, डरावना, वीभत्स, दुख की भावना 
वाला, करुण रस से ओतप्रोत स्त्री, रोता बच्चा, 
अकाल, सूखे पेड़ कोई भी चित्र घर में न लगायें। 
6.घर का उत्तर पूर्व कोना (इशान कोण) स्वच्छ रखें व 
वंहा बहते पानी का चित्र लगायें | (ध्यान रहे इस 
चित्र में पहाड़/पर्वत न हो )

7. उत्तर क्षेत्र की दीवार पर हरियाली या हरे चहकते हुए 
पक्षियों का शुभ चित्र लगाएं। 
ऐसा करने से परिवार के लोगों की एकाग्रता बनेगी 
साथ ही बुध ग्रह के शुभ परिणाम मिलेंगे। उत्तर दिशा 
बुध की होती है। 
8.लक्ष्मी व कुबेर की तस्वीरें भी उत्तर दिशा में लगानी 
चाहिए। ऐसा करने से धन लाभ होने की संभावना है। 
9. घर में जुडवां बत्तख व हंस के चित्र लगाना लगाना 
श्रेष्ठ रहता है। ऐसा करने से समृद्धि आती है। 
10. घर की तिजोरी के पल्ले पर बैठी हुई लक्ष्मीजी की 
तस्वीर जिसमें दो हाथी सूंड उठाए नजर आते हैं, 
लगाना बड़ा शुभ होता है। तिजोरी वाले कमरे का 
रंग क्रीम या ऑफ व्हाइट रखना चाहिए। 
11.बच्चाा जिस तरफ मुंह करके पढता हो, उस दीवार पर 
मां सरस्वती का चित्र लगाएं। पढाई में रूचि जागृत 
होगी। 
12 . अध्ययन कक्ष में मोर, वीणा, पुस्तक, कलम, हंस, मछली 
आदि के चित्र लगाने चाहिए। 
13. बच्चों के शयन कक्ष में हरे फलदार वृक्षों के चित्र, 
आकाश, बादल, चंद्रमा अदि तथा समुद्र तल की शुभ 
आकृति वाले चित्र लगाने चाहिए। 
14.फल-फूल व हंसते हुए बच्चों की तस्वीरें जीवन शक्ति 
का प्रतीक है। उन्हें पूर्वी व उत्तरी दीवारों पर 
लगाएं। 
15.ऐसे नवदम्पत्ति जो संतान सुख पाना चाहते हैं वे 
श्रीकृष्ण का बाल रूप दर्शाने वाली तस्वीर अपने 
बेडरूम में लगाएं। 
16.यदि आप अपने वैवाहिक रिश्ते को अधिक मजबुत और 
प्रसन्नता से भरपूर बनाना चाहते हैं तो अपने बेडरुम में 
नाचते हुए मोर का चित्र लगाएं। 
17.यूं तो पति-पत्नी के कमरे में पूजा स्थल बनवाना या 
देवी-देवताओं की तस्वीर लगाना वास्तुशास्त्र में 
निषिद्ध है फिर भी राधा-कृष्ण 
की तस्वीर बेडरूम में लगा सकते हैं। इसके साथ ही 
बांसुरी, शंख, हिमालय आदि के चित्र दाम्पत्य सुख में 
वृद्धि के कारक होते हैं। 
18.कैरियर में सफलता प्राप्ति के लिए उत्तर दिशा में 
जंपिंग फिश, डॉल्फिन या मछालियों के जोड़े का 
प्रतीक चिन्ह लगाए जाने चाहिए। इससे न केवल बेहतर 
कैरियर की ही प्राप्ति होती है बल्कि व्यक्ति की 
बौद्धिक क्षमता भी बढ़ती है। 
19.अपने शयन कक्ष की पूर्वी दीवार पर उदय होते हुए सूर्य
की ओर पंक्तिबद्ध उड़ते हुए शुभ उर्जा वाले पक्षियों 
के चित्र लगाएं। निराश, आलस से परिपूर्ण, अकर्मण्य, 
आत्मविश्वास में कमी अनुभव करने वाले व्यक्तियों के 
लिए यह विशेष प्रभावशाली है। 
20.स्वर्गीय परिजनों के चित्र दक्षिण की दीवार पर 
लगाने से सुख समृधि बढेगी

21.अग्नि कोण में रसोई घर नहीं हो, तो उस कोण में यज्ञ 
करते हुए ऋषि-विप्रजन की चित्राकृति लगानी 
चाहिए। 
22.रसोई घर में माँ अन्नपूर्णा का चित्र शुभ माना 
जाता है।

23.मुख्य द्वार यदि वास्तु अनुरूप ना हो तो उस पर 
नक्काशी , बेल बूटे बनवाएं। 
24.दाम्पत्य जीवन को सुखमय बनाने के लिए घर में राधा 
कृष्ण की तस्वीर लगाएं। 
25.पढने के कमरे में माँ सरस्वती , हंस , वीणा या 
महापुरुषों की तस्वीर लगाएं। 
26.व्यापर में सफलता पाने के लिए कारोबार स्थल पर 
सफल और नामी व्यापारियों के चित्र लगाएं। 
27.पूर्वजों की तस्वीर देवी देवताओं के साथ ना लगाएं।

28.दक्षिण मुखी भवन के द्वार पर नौ सोने या पीतल के 
नवग्रह यंत्र लगाए और हल्दी से स्वस्तिक बनाए।

18 Dec 2019

Bhagavad Gita in 18 Tweets

Bhagavad Gita in 18 Tweets:

1. How can you lose heart in this hour of crisis? This is disgraceful! Don't be a coward, Arjuna! Arise, awake, and abandon your timidity!
2. Focus on work at hand, not on results; but don't be slothful. Work effortfully and work selflessly. Be content. Share your rewards with the world.
3. Five factors govern the outcome of all actions: the situation, the individual, the tools he has, how he uses the tools, and unknown forces.
4. Sensory pleasures are short-lived and when they disappear, they cause sorrow. The wise do not rejoice in such pleasures for they are impermanent. Go beyond them.
5. Nothing is as pure as knowing and knowledge in this world. Knowledge is higher than all rituals. All activities find fulfilment only in knowing.
6. Work in tune with your inherent guide and nature. Don't imitate others, not even gurus. You find fulfilment when you do what you love and offer it to the supreme.
7. One will advance only by one's own efforts; one should not degrade oneself; for the self alone is one's true friend or enemy.
8. Whenever and wherever the unsteady, restless thoughts stray away, then and there, pull back and simply observe them with no identification to them.
9. The wise ones work hard, harbour no bias, expect nothing, respect everyone, and are disciplined. They neither reject nor crave.
10. Renounce lust, anger, and greed - the three gates to hell that degrade the self. Let the words of the wise be your guide.
11. Yoga destroys sorrows for one who is moderate in eating, sleeping, and waking; works in a disciplined manner; and enjoys moments of leisure.
12. One who strives for the truth never ends up in misery; whether here or there, one never perishes.
13. Even if an evil man begins to inquire of the supreme with devotion, he is noble because he has taken the right action.
14. The supreme does not command actions of people. Problems of the world are created by people. Human problems are a result of human thought and actions.
15. I happily accept whatever one offers me - a leaf, a flower, a fruit or just water - with love, devotion, and a pure heart.
16. One who sees me everywhere and sees everything in me, I am never lost to this one nor is this one ever lost to me.
17. The universe has sprung from a mere flare of my radiance. Give up all forms of dharma, take refuge in me. I will liberate you from all errors of thought!
18. Thus, I have taught you the wisdom that is the greatest of all secrets. Reflect deeply on these teachings and then do as you please.

Bhagwan Shri Krishna Loves You: What are the basis of action?

  Hare Krishna! If you want "Shri Krishna Loves You" daily post in your WhatsApp or to be sent to your near and dear ones write yo...

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