29 Oct 2020

Shri Krishna Loves You: The soul is a factor in accomplishing actions

  

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|| जय श्री कृष्ण ||

॥ श्रीमद्‍भगवद्‍गीता ॥ 18.14

 

_अधिष्ठानं तथा कर्ता करणं च पृथग्विधम्‌ ।_

_विविधाश्च पृथक्चेष्टा दैवं चैवात्र पञ्चमम्॥_

 

भावार्थ :

इस विषय में अर्थात कर्मों की सिद्धि में अधिष्ठान (जिसके आश्रय कर्म किए जाएँउसका नाम अधिष्ठान है) और कर्ता तथा भिन्न-भिन्न प्रकार के करण (जिन-जिन इंद्रियादिकों और साधनों द्वारा कर्म किए जाते हैंउनका नाम करण है) एवं नाना प्रकार की अलग-अलग चेष्टाएँ और वैसे ही पाँचवाँ हेतु दैव (पूर्वकृत शुभाशुभ कर्मों के संस्कारों का नाम दैव है) है ॥१४॥

 

Meaning:

The foundation, the doer and several instruments, and the various movements of several types, as well as the divinity, the fifth in these.

 

Explanation:

Nowadays robots are quite common, and are being used for cleaning home floors as well. For a robot to perform any action, there are at least three factors at work. First is the body of the robot, which will determine things like how fast or how powerful actions can be performed. Second is the instruments of the robot, such as its sensors, its hands, its wheels and so on. Third is the power system of the robot, which typically is electricity but could also be diesel or steam.

 

Shri Krishna says that whenever a human being performs an action, the same three factors come into play. The size of our body, the state of our instruments (organs of action and organs of sense) and our power system (our praana, our energy and health), each factor is responsible for the fate of our action. But there has to be something that differentiates us from robots, and therefore, two additional factors are mentioned: the kartaa or the doer, and the daivam or divinity.

 

The fourth component known as the kartaa, the doer, also known as the sense of agency, is nothing but the notion of finitude within us, what we normally term as the "I". When our intellect plans an action, we say, "I am thinking" instead of saying "the intellect is thinking". When our hand is performing the action, we say "I am sweeping the floor" instead of "the hand is sweeping the floor". When our eyes perceive an obstacle, we say "I see a wall" instead of "the eyes see a wall". Seen in this manner, the sense of "I" is quite illusory. For now, we can say that it is the motive behind performance of action that identifies with a certain aspect of the mind or body, a certain upaadhi.

 

The fifth component of any action is the daivam, the divinity. Unless Ishvara supports an action, it will not result in success. Or we can say that the world, or the universe as a whole, also has a part in determining the outcome of an action. Despite everything executed perfectly at the individual level, it still has to align with the action at the universal level.


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Hare Krishna


The Hare Krishna maha-mantra is composed of three Sanskrit words, which are “Hare”, “Krishna” and “Rama”. According to the scriptures “Obstruction or problem can’t come into their lives, who do chant this mantra continuously”. The Great Mantra is:

Hare Krishna, Hare Krishna, Krishna Krishna, Hare Hare
Hare Rama, Hare Rama, Rama Rama, Hare Hare

हरे कृष्ण हरे कृष्ण , कृष्ण कृष्ण हरे हरे |
हरे राम हरे राम , राम राम हरे हरे ||

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Hindu Panchang 29102020, Benefits of Kheer on Sharad Purnima

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आज का हिन्दू पंचांग




(मोबाइल में रोटेशन ओंन करके पढ़ें )

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दिनांक 29 अक्टूबर 2020

दिन - गुरुवार

विक्रम संवत - 2077 (गुजरात - 2076)

शक संवत - 1942

अयन - दक्षिणायन

ऋतु - हेमंत

मास - अश्विन

पक्ष - शुक्ल

तिथि - त्रयोदशी शाम 03:15 तक तत्पश्चात चतुर्दशी

नक्षत्र - उत्तर भाद्रपद दोपहर 12:00 तक तत्पश्चात रेवती

योग - हर्षण 29 अक्टूबर रात्रि 02:39 तक तत्पश्चात वज्र

राहुकाल - दोपहर 01:48 से शाम 03:13 तक

सूर्योदय - 06:41

सूर्यास्त - 18:03

दिशाशूल - दक्षिण दिशा में

व्रत पर्व विवरण -

विशेष - त्रयोदशी को बैंगन नही खाना होता है।(ब्रह्मवैवर्त पुराणब्रह्म खंडः 27.29-34)

 

सुबह पूजा के बाद आरती करते समय दीपक में 2 लौंग डाल कर आरती करें या कपूर में दो फूल वाले लौंग डालकर आरती करें। आपके हर काम सुगमता से होंगे और किसी भी प्रकार की बाधा नहीं आएगी

 

 शरद पूनम की रात दिलाये आत्मशांतिस्वास्थ्यलाभ


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30 अक्टूबरशुक्रवार को शाम 05:45 से 31 अक्टूबरशनिवार को रात्रि 08:18 तक पूर्णिमा है ।

 विशेष - 30 अक्टूबरशुक्रवार को शरद पूर्णिमा (खीर चन्द्रकिरणों में रखें), 31 अक्टूबरशनिवार को शरद पूर्णिमा (व्रत हेतु)

 आश्विन पूर्णिमा को शरद पूर्णिमा’ बोलते हैं । इस दिन रास-उत्सव और कोजागर व्रत किया जाता है । गोपियों को शरद पूर्णिमा की रात्रि में भगवान श्रीकृष्ण ने बंसी बजाकर अपने पास बुलाया और ईश्वरीय अमृत का पान कराया था । अतः शरद पूर्णिमा की रात्रि का विशेष महत्त्व है । इस रात को चन्द्रमा अपनी पूर्ण कलाओं के साथ पृथ्वी पर शीतलतापोषक शक्ति एवं शांतिरूपी अमृतवर्षा करता है ।

शरद पूनम की रात को क्या करेंक्या न करें ?

 दशहरे से शरद पूनम तक चन्द्रमा की चाँदनी में विशेष हितकारी रसहितकारी किरणें होती हैं । इन दिनों चन्द्रमा की चाँदनी का लाभ उठानाजिससे वर्षभर आप स्वस्थ और प्रसन्न रहें । नेत्रज्योति बढ़ाने के लिए दशहरे से शरद पूर्णिमा तक प्रतिदिन रात्रि में 15 से 20 मिनट तक चन्द्रमा के ऊपर त्राटक करें ।

 अश्विनी कुमार देवताओं के वैद्य हैं । जो भी इन्द्रियाँ शिथिल हो गयी होंउनको पुष्ट करने के लिए चन्द्रमा की चाँदनी में खीर रखना और भगवान को भोग लगाकर अश्विनी कुमारों से प्रार्थना करना कि हमारी इन्द्रियों का बल-ओज बढ़ायें ।’ फिर वह खीर खा लेना ।

 इस रात सुई में धागा पिरोने का अभ्यास करने से नेत्रज्योति बढ़ती है ।

 

 चन्द्रमा की चाँदनी गर्भवती महिला की नाभि पर पड़े तो गर्भ पुष्ट होता है । शरद पूनम की चाँदनी का अपना महत्त्व है लेकिन बारहों महीने चन्द्रमा की चाँदनी गर्भ को और औषधियों को पुष्ट करती है ।

 अमावस्या और पूर्णिमा को चन्द्रमा के विशेष प्रभाव से समुद्र में ज्वार-भाटा आता है । जब चन्द्रमा इतने बड़े दिगम्बर समुद्र में उथल-पुथल कर विशेष कम्पायमान कर देता है तो हमारे शरीर में जो जलीय अंश हैसप्तधातुएँ हैंसप्त रंग हैंउन पर भी चन्द्रमा का प्रभाव पड़ता है । इन दिनों में अगर काम-विकार भोगा तो विकलांग संतान अथवा जानलेवा बीमारी हो जाती है और यदि उपवासव्रत तथा सत्संग किया तो तन तंदुरुस्तमन प्रसन्न और बुद्धि में बुद्धिदाता का प्रकाश आता है ।

 खीर को बनायें अमृतमय प्रसाद खीर को रसराज कहते हैं । सीताजी को अशोक वाटिका में रखा गया था । रावण के घर का क्या खायेंगी सीताजी ! तो इन्द्रदेव उन्हें खीर भेजते थे ।

 खीर बनाते समय घर में चाँदी का गिलास आदि जो बर्तन होआजकल जो मेटल (धातु) का बनाकर चाँदी के नाम से देते हैं वह नहींअसली चाँदी के बर्तन अथवा असली सोना धो-धा के खीर में डाल दो तो उसमें रजतक्षार या सुवर्णक्षार आयेंगे । लोहे की कड़ाही अथवा पतीली में खीर बनाओ तो लौह तत्त्व भी उसमें आ जायेगा । इलायचीखजूर या छुहारा डाल सकते हो लेकिन बादामकाजूपिस्ताचारोली ये रात को पचने में भारी पड़ेंगे । रात्रि 9 बजे महीन कपड़े से ढँककर चन्द्रमा की चाँदनी में रखी हुई खीर 12 बजे के आसपास भगवान को भोग लगा के प्रसादरूप में खा लेनी चाहिए । लेकिन देर रात को खाते हैं इसलिए थोड़ी कम खाना   और थोड़ी बच जाय तो फ्रिज में रख देना । सुबह गर्म करके खा सकते हो ।

 (खीर दूधचावलमिश्रीचाँदीचन्द्रमा की चाँदनी - इन पंचश्वेतों से युक्त होती हैअतः सुबह बासी नहीं मानी जाती ।)

 

पंचक

 

25 अक्टूबर दोपहर 3.24 से 30 अक्टूबर दोपहर 2.56 बजे तक

 

21 नवंबर रात्रि 10.24 से 26 नवंबर रात्रि 9.20 बजे तक

 

19 दिसंबर प्रातः 7.16 से 23 दिसंबर तड़के 4.32 बजे तक

 

एकादशी

पापांकुशा एकादशी- 27 अक्टूबर दिन मंगलवार

 

रमा एकादशी- 11 नवंबर दिन बुधवार

 

 देवुत्थान एकादशी- 25 नवंबर दिन बुधवार

 

उत्पन्ना एकादशी- 11 दिसंबर दिन शुक्रवार

 

मोक्षदा एकादशी- 25 दिसंबर दिन शुक्रवार

 

प्रदोष

 

बुधवार, 28 अक्‍टूबर - प्रदोष व्रत (शुक्ल)

 

शुक्रवार, 13 नवंबर - प्रदोष व्रत (कृष्ण)

 

शुक्रवार, 27 नवंबर - प्रदोष व्रत (शुक्ल)

 

शनिवार, 12 दिसंबर - शनि प्रदोष व्रत (कृष्ण)

 

रविवार, 27 दिसंबर - प्रदोष व्रत (शुक्ल)

 

अमावस्या

 

रविवार, 15 नवंबर कार्तिक अमावस्या

सोमवार, 14 दिसंबर    मार्गशीर्ष अमावस्या

 

 

आज का राशिफल



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अपनी राशि के अनुसार जानिए क्या कहता है आपका राशिफल।
प्रत्येक राशि का राशिफल चंद्र ग्रह की गणना पर आधारित होता है। राशिफल को निकालते समय पंचांग की गणना और सटीक खगोलीय विवरण का विश्लेषण किया जाता है। वैदिक पूजन के द्वारा दैनिक राशिफल में बारह राशियों का भविष्यफल बताया जाता है। यहाँ पर दिये गए राशिफल को पढ़कर आप अपनी रोजाना की योजनाओं को सफल बनाने में कामयाब हो सकते है । इस राशिफल में आपके लिए व्यापार, लेन-देन, नौकरी, परिवार, सेहत और मित्रों के साथ संबंध एवं दिन भर में होने वाली शुभ-अशुभ घटनाओं के बारे में सम्पूर्ण जानकारी दी जाती है।

मेष

आज का दिन आपको आत्मविश्वास से भर देगा। चुनौतियों में कमी आएगी और आप साहस के बलबूते अपने कई कामों में सफलता अर्जित करेंगे। सेहत में उतार-चढ़ाव रहने की संभावना है। मौसम में बदलाव से सावधान रहें। काम के सिलसिले में आज आप काफी एक्टिव रहेंगे। इसके परिणाम स्वरूप अच्छे नतीजे आपके हाथ में होंगे। भाग्य का साथ मिलेगाजिससे आप काफी खुश भी होंगे। निजी जीवन खुशियों से भरा रहेगा। आप अपने परिवार की वृद्धि के बारे में विचार करेंगे।

वृष

खुद पर अति आत्मविश्वास करने से बचें। यदि सावधानी से चलेंगेतो शत्रु भी मित्र बन जाएंगे। इनकम में बढ़ोतरी होगी। प्रॉपर्टी से जुड़े मामलों में सफलता मिलने से धन का लाभ होगा। मन में धार्मिक गतिविधि करने की इच्छा जागेगी। लंबी ट्रैवलिंग के योग बनेंगे। विरोधियों से सावधान रहना जरूरी होगा। शादीशुदा लोग अपने गृहस्थ जीवन को लेकर थोड़े से परेशानी महसूस करेंगे क्योंकि जीवन साथी का बर्ताव उनकी समझ से परे होगा। प्रेम जीवन बिता रहे लोग आज बेहद खुश नजर आएंगे। आप और आपके प्रिय के बीच संबंधों में घनिष्ठता आएगी।

मिथुन

सेहत मजबूत रहने से आपका उत्साह दोगुना रहेगा। घर में सुख शांति रहेगी। घर की सजावट के लिए त्योहारी सीजन में कुछ नया खरीद कर लाएंगे। बिजली से जुड़ा उपकरण लाने की संभावना है। आपके कार्यालय में आपकी धाक जमेगी और आपकी परफॉर्मेंस लोगों को नजर आएगी। शादीशुदा लोग अपने गृहस्थ जीवन को लेकर संतुष्ट नजर आएंगे और जीवन साथी से संबंध अच्छे रहेंगे और नया बिजनेस शुरू करने का विचार मन में आएगा। प्रेम जीवन बिता रहे लोग थोड़े से नरवस नजर आएंगे।

कर्क

आज आप सशक्त रहेंगे। हर काम को बड़ी ही शालीनता और सजगता के साथ करेंगे तथा काम में स्थायित्व नजर आएगा। आप बदले हुए व्यवहार से लोगों को आश्चर्यचकित कर देंगे। दोस्तों के साथ खूबसूरत बातें करने का मौका मिलेगा। घर का जीवन आपको सुख और शांति देगा। इनकम में बढ़ोतरी होगी। शादीशुदा लोग अपने गृहस्थ जीवन को लेकर आज प्रबल रूप से कुछ नया प्लान करेंगेजिसकी प्रेम जीवन बिता रहे लोग अपने प्रिय की बोलचाल से ज्यादा प्रभावित नहीं होंगे और उनके मन में कुछ परेशानी रहेगी।

सिंह

संतान को लेकर आज कोई बड़ा फैसला लेंगे और उनके भविष्य के लिए कोई नई पॉलिसी ले सकते हैं या किसी अच्छे स्कूल में एडमिशन करा सकते हैं। परिवार का माहौल कुछ चिंताजनक रहेगा। किसी की सेहत बिगड़ सकती है और विरोधियों पर आप अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे। प्रतियोगिता परीक्षा के लिए आज का दिन अच्छा है। अच्छे भोजन का आनंद लेंगेलेकिन अति भोजन से सेहत बिगड़ सकती है। रक्तचाप से जुड़ी समस्या परेशान कर सकती है। काम के सिलसिले में दिन सामान्य रहेगा। शादीशुदा लोग अपने गृहस्थ जीवन में व्यस्त रहेंगे।

कन्या

मन में खुशी रहेगी और प्रेम जीवन खुशियों से भरा रहेगा। अपने प्रिय से शादी विवाह की बातें आगे बढ़ाने की कोशिश करेंगे। शादीशुदा लोग अपने गृहस्थ जीवन से संतुष्ट दिखेंगे और आपके बीच अंतरंग संबंधों में बढ़ोतरी होगी। काम को लेकर आज का दिन अच्छा है और आप अपने काम में साइड से कुछ धंधे अर्जित करेंगेजो आपके बैंक बैलेंस को बढ़ाएगा। परिवार में किसी बुजुर्गों से आशीर्वाद और अच्छे मार्गदर्शन की प्राप्ति होगी। सेहत में सुधार होगा।

तुला

खर्चों पर ध्यान देना जरूरी होगा। बेवजह के खर्चे ना करें। त्योहारी सीजन में जेब देख कर काम करेंनहीं तो मुसीबत आ सकती है। सेहत के प्रति जागरूक रहें। प्रतियोगिता परीक्षा के सिलसिले में आपको सफलता मिलने की संभावना रहेगी। मन में अच्छे विचार लायेगे और लोगों की भलाई करने का विचार बनाएंगे। परिवार में असंतुलन रह सकता है। दोस्तों के साथ किसी तीर्थ स्थान की यात्रा की प्लानिंग बन सकती है। काम के लिए दिन अच्छा है।

वृश्चिक

आज आपका दिमाग अपने प्रेम जीवन को संवारने में लगेगा। अपने प्रिय की खुशी के लिए कुछ अच्छा काम करेंगे और उनके लिए कोई गिफ्ट भी लाएंगे। शादीशुदा लोग अपने गृहस्थ जीवन को खुशनुमा बनाने में कोई कसर बाकी नहीं रखेंगे। आपका जीवन साथी भी बढ़-चढ़कर आपकी हर एक्टिविटी में आपका साथ देगा। काम के सिलसिले में आज का दिन बेहद अच्छा हैलेकिन आपको काम के लिए काफी ट्रैवलिंग करनी पड़ेगीइसलिए आज का दिन भाग दौड़ में गुजरेगा। इनकम अच्छी रहेगी और थोड़ा ध्यान देना पड़ेगा। पारिवारिक जीवन आपको खुशी देगा।

धनु

आपका आत्मविश्वास सातवें आसमान पर होगाजिससे दुनिया को मुट्ठी में करने की इच्छा जागेगी। काम को लेकर आपका कॉन्फिडेंस साफ झलकेगा और आपकी परफॉर्मेंस भी मजबूत रहेगी। जमीन जायदाद से जुड़े मामले आकर्षण का केंद्र बनेंगे। कोई सौदा फाइनल हो सकता है। शादीशुदा लोग अपनी गृहस्थ जीवन से खुश नजर आएंगे और आज आपका जीवन साथी आपके बिजनेस को प्रमोट करने में आपकी बड़ी मदद करेगा। आपको आज पैसों का लाभ नहीं होगा और प्रेम जीवन बिता रहे लोग पारिवारिक गतिविधियों में ज्यादा उलझे रहेंगे।

मकर

आज दोस्तों के साथ मस्ती करने का मन करेगा। उनके साथ काफी टाइम बताएंगे और कहीं घूमने जाने की भी प्लानिंग कर सकते हैं। शाम होते-होते अपने दोस्तों के साथ कोई अच्छी मोमेंट बिताने का मौका मिलेगा। इनकम को लेकर प्रयास ज्यादा करने होंगे और काम के सिलसिले में आपकी मेहनत थोड़ी सी कमजोर पड़ सकती है। धार्मिक कामों पर खर्च होगा। प्रेम जीवन बिता रहे लोग आज बेहद खुश नजर आएंगेजबकि शादीशुदा लोग अपने गृहस्थ जीवन को निभाने के लिए हर संभव कोशिश करेंगे।

कुंभ

पारिवारिक परिस्थितियां आपका ध्यान खींचेंगी। परिवार के लोगों को आपकी जरूरत होगी। आज अच्छे पकवान का आनंद लेंगे। घर में कुछ रिश्तेदारों का आना जाना लगा रहेगाजिससे घर में रोनक रहेगी। भाग्य प्रबल कमजोर हो सकता हैइसलिए बड़े काम में हाथ ना डालें। नहीं तो काम बनते बनते अटक सकता है। थोड़ा धीरज रखें। काम के सिलसिले में आज का दिन थोड़ा कमजोर हैइसलिए अपने काम पर थोड़ा ध्यान दें। शादीशुदा लोग अपने गृहस्थ जीवन से संतुष्ट होंगे और अपने जीवनसाथी को अपने ऑफिस की बातें भी बताएंगेजबकि प्रेम जीवन बिता रहे लोग आज आनंदित होगी।

मीन

आज आप बेहद मजबूत नजर आएंगे। हर चुनौती का डटकर सामना करेंगे। काम के सिलसिले में आपका अनुभव बहुत काम आएगा। शादीशुदा लोग अपने गृहस्थ जीवन  में काफी खुश रहेंगे और आज अपने जीवन साथी के करीब आएंगे। एक दूसरे के प्रति प्रेम बढ़ेगा। प्रेम जीवन बिता रहे लोग भी अपने रिश्ते को आगे बढ़ाने का विचार करेंगे। नया वाहन खरीदने की संभावना बन रही है। सेहत का ध्यान रखना जरूरी होगा

 

जिनका आज जन्मदिन है उनको हार्दिक शुभकामनाएं


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दिनांक 29 को जन्मे व्यक्ति का मूलांक 2 होगा। 2 और 9 आपस में मिलकर 11 होते हैं। 11 की संख्या आपस में मिलकर 2 होती है इस तरह आपका मूलांक 2 होगा। इस मूलांक को चंद्र ग्रह संचालित करता है।

 

चंद्र ग्रह मन का कारक होता है। आप अत्यधिक भावुक होते हैं। आप स्वभाव से शंकालु भी होते हैं। दूसरों के दु:ख दर्द से आप परेशान हो जाना आपकी कमजोरी है। आप मानसिक रूप से तो स्वस्थ हैं लेकिन शारीरिक रूप से आप कमजोर हैं। चंद्र ग्रह स्त्री ग्रह माना गया है। अत: आप अत्यंत कोमल स्वभाव के हैं। आपमें अभिमान तो जरा भी नहीं होता। चंद्र के समान आपके स्वभाव में भी उतार-चढ़ाव पाया जाता है। आप अगर जल्दबाजी को त्याग दें तो आप जीवन में बहुत सफल होते हैं।

शुभ दिनांक : 2, 11, 20, 29  

शुभ अंक : 2, 11, 20, 29, 56, 65, 92 

शुभ वर्ष : 2027, 2029, 2036

ईष्टदेव : भगवान शिवबटुक भैरव

शुभ रंग : सफेदहल्का नीलासिल्वर ग्रे

 

कैसा रहेगा यह वर्ष

लेखन से संबंधित मामलों में सावधानी रखना होगी। बगैर देखे किसी कागजात पर हस्ताक्षर ना करें। किसी नवीन कार्य योजनाओं की शुरुआत करने से पहले बड़ों की सलाह लें। व्यापार-व्यवसाय की स्थिति ठीक-ठीक रहेगी। स्वास्थ्य की दृष्टि से संभल कर चलने का वक्त होगा। पारिवारिक विवाद आपसी मेलजोल से ही सुलझाएं। दखलअंदाजी ठीक नहीं रहेगी।

 

#AajKaUPAY

 



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सोचा काम बनाने के लिए

संपूर्ण प्रयासो के बावजूद भी सोचा हुआ काम पूरा नहीं होता हो तो मंगलवार के दिन यह उपाय प्रारंभ करें। और लगातार 21 मंगलवार करें। हर मंगलवार को नित्यकर्म से निवृत होकर स्नानोपरांत जटा वाले नारियल के ऊपर सवा मीटर लाल कपड़ा लपेटकर 21 बार कलावा लपेट लें। तत्पश्चात लाल कपड़े के ऊपर 21 कुंकुम की बिंदी लगा लें। नारियल को अपने ऊपर से 21 बार उसार कर के अपने पूजाा स्थान में रख दें। वहीं बैठकर एक पाठ सुंदरकांड का पाठ करें। तपश्चात अपनी मनोकामना का ध्यान करते हुए इस नारियल को बहते पानी व तालाब में प्रवाह कर दें।

 

 

भूख लगने के लिएय

दि आपको भूख तो है लेकिन खाना मुंह में नहीं जा रहा हो तो प्रात:काल भोजन करते समय अपने भोजन में से एक रोटी निकाल दें उस रोटी को बरगद के पत्ते पर रखकर रोटी के उपर एक लौंगएक इलायचीएक साबुत सुपारी और थोड़ी सी केसर डाल दे और अपने ऊपर से सात बार उसार कर किसी चौराहे पर चुपचाप रखकर आ जाएं। भूख लगने लगेगी मन प्रसन्न रहेगा।

28 Oct 2020

Shri Krishna Loves You: How to stop the reactions of karmas

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॥ श्रीमद्‍भगवद्‍गीता ॥ 18.13

 

_पञ्चैतानि महाबाहो कारणानि निबोध मे ।_

_साङ्ख्ये कृतान्ते प्रोक्तानि सिद्धये सर्वकर्मणाम्‌॥_

 

भावार्थ:

 

हे महाबाहो! सम्पूर्ण कर्मों की सिद्धि के ये पाँच हेतु कर्मों का अंत करने के लिए उपाय बतलाने वाले सांख्य-शास्त्र में कहे गए हैंउनको तू मुझसे भलीभाँति जान ॥१३॥

 

Meaning:

 

Learn these five factors for the accomplishment of all actions, O mighty armed, which are spoken of in the Saankhya in which actions culminate.

 

EXPLANATION:

 

Shri Krishna begins describing the true nature of action with this shloka. Typically we tend to think we are responsible for initiating, executing and completing every action, from the simplest action like drinking a cup of tea, to a complex action like planning the construction of a 100 storey building. He says that there are other factors which are responsible for the accomplishment of all actions, as denoted by the Saankhya or Vedaanta. He also conveys to Arjuna that a new topic has started, by calling out his name.

In the fourth chapter, we came across a shloka which stated that all actions in their totality culminate in knowledge. There are two components to this knowledge. The first is that the self, the eternal essence, the aatmaa, is actionless, since there is no possibility of change or modification in something that is changeless. This leads us to the second component of knowledge, which is as follows. If I, the self, am not performing action, something else must be doing so. As long as we are not fully convinced that something else is performing actions, we will hold on to the notion that we are doing so.

A naive person sits in a bus and thinks that he is driving it. You have to convince him that he is not driving it, but it is the bus driver that is driving it. In the same way, Shri Krishna gives us a detailed analysis of action and its components, such that we may come to the right conclusion. We are naive in thinking that the I, the self performs action when the Saankhya, the Vedaanta tells us that we do not. Once we come to this conclusion, we will automatically renounce the doership of action, and consequently, free ourselves from the chain of action and reaction.

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हरे कृष्ण हरे कृष्ण , कृष्ण कृष्ण हरे हरे |
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Bhagwan Shri Krishna Loves You: What are the basis of action?

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